भीषण आंधी-तूफान के बाद रेलवे कॉलोनी बीएमवाई में राहत कार्य तेज, मजदूर कांग्रेस ने संभाला मोर्चा

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50 से अधिक पेड़ गिरे, सड़कें हुईं बाधित; पांच घंटे के भीतर अधिकांश क्षेत्रों में बहाल हुई बिजली व्यवस्था

भिलाई, बुधवार को आए भीषण आंधी-तूफान ने रेलवे कॉलोनी बीएमवाई क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं और तूफान के कारण कॉलोनी में 50 से अधिक बड़े पेड़ धराशायी हो गए, जिससे सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गईं। कई रेलवे क्वार्टरों की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं तथा बिजली के खंभे झुक जाने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। अचानक उत्पन्न हुई इस आपदा से कॉलोनीवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मजदूर कांग्रेस की टीम तुरंत सक्रिय हुई। सीमित संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद  डी. विजय कुमार, शेषु बाबू, अनुचकु संतोष रेड्डी एवं  सुधाकर के नेतृत्व में अधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई। टीम ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय को स्थिति से अवगत कराया तथा वरिष्ठ मंडल अभियंता (सामान्य) से समन्वय स्थापित कर अन्य विभागों की सहायता से राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कराया।

राहत कार्य में सनातन जेसीबी एवं इंजीनियरिंग विभाग का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला। मजदूर कांग्रेस की ओर से विशेष रूप से जेसीबी मशीन की व्यवस्था कर मौके पर भेजा गया, जिससे गिरे हुए पेड़ों को हटाने का कार्य तेजी से शुरू हो सका।

धनंजय अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मजदूर कांग्रेस के सदस्यों ने लगातार कई घंटों तक राहत कार्य में जुटकर सड़कों एवं रास्तों को साफ करने, गिरे हुए पेड़ों को हटाने तथा झुके हुए बिजली के खंभों को सीधा करने में अहम भूमिका निभाई। संयुक्त प्रयासों के चलते 50 से अधिक गिरे पेड़ों में से अधिकांश को सफलतापूर्वक हटाकर क्षेत्र को काफी हद तक सुरक्षित और सुचारु बनाया गया।

अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम रहा कि लगभग पांच घंटे के भीतर रेलवे कॉलोनी के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति बहाल कर सामान्य स्थिति स्थापित कर दी गई। राहत कार्य की तत्परता और सेवा भाव की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।

इस सराहनीय कार्य के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न विभागों के सहयोगियों तथा मजदूर कांग्रेस के सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवा भाव और समर्पण की प्रशंसा की गई।

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