‘आरंभ’ की ओर से राज्य स्तरीय काव्य पाठ एवं कविता पर संवाद चर्चा का आयोजन
भिलाई, प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के तत्वावधान में पीजी नर्सिंग कॉलेज में राज्य स्तरीय काव्य पाठ एवं कविता पर संवाद चर्चा का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि व्यंग्यकार कवि रवि श्रीवास्तव थे। पीजी नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रोजा प्रिंसी ने अध्यक्षता की। कविताओं पर संवाद चर्चा कल्याण महाविद्यालय हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक व प्रगतिशील युवा कवि डॉ. अंजन कुमार थे। ‘आरंभ’ के मुख्य सलाहकार संस्कृत विद्वान आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा, मुख्य संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा और कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. जी हेमावती उपस्थित थे।

स्वागत उद्बोधन ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य, संचालन महासचिव नूरुस्सबाह ‘सबा’ एवं आभार व्यक्त कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रजनी नेलसन ने दिया।
इस अवसर पर पीजी नर्सिंग कॉलेज की तरफ से डॉ. जी हेमावती, चंद्रकला लिल्हारे, सुश्मिता रॉय, नूतन निराला, डॉली सिन्हा, निक्की तिवारी, पूजा सोनवानी, भावना साहू, शिल्पी नंदी, आफ़सा बानो, कुमारी पावनी, प्रियंका सिन्हा और ‘आरंभ’ की तरफ से अनिता करडेकर, दीप्ति श्रीवास्तव, मिताली श्रीवास्तव वर्मा, फरीदा शाहीन अंसारी, शशिप्रभा गुप्ता, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, शुभेंदु बागची, विपुल सेन, डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’, राकेश गुप्ता ‘रुसिया’, सुशील यादव, त्रयंबक राव साटकर ‘अंबर’, जाविद हसन, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, डॉ. इकबाल खान ‘तन्हा’, नवेद रज़ा दुर्गवी और शौकत इकबाल ने रचनाएँ पढ़ी।
प्रारंभ में अतिथियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कविता पाठ करने वाले रचनाकारों को ‘आरंभ काव्य गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। रवि श्रीवास्तव ने कविता पढ़ने और लिखने की कला को विस्तार से बताया और अपनी कुछ कविता का पाठ भी किया। डॉ. अंजन कुमार ने कहा कि अच्छी कविता लिखने के लिए हिंदी के महत्वपूर्ण वरिष्ठ और नए कवियों की कविताओं को पढ़ना बहुत जरूरी है। कविता कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक कहने की कला है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग से प्रकाशित पुस्तकों की पुस्तक प्रदर्शनी भी रखी गई थी।



