शाही संदल जुलूस, कव्वाली मुकाबले और लंगर होंगे मुख्य आकर्षण; सभी धर्मों के लोग बनेंगे भाईचारा महोत्सव का हिस्सा
भिलाई, भिलाई-3 में कुतुब-ए-भिलाई हज़रत सैय्यद बाबा रहमतुल्ला अलैह का 73वां सालाना उर्सपाक एवं भाईचारा महोत्सव 17 मई से 20 मई तक अकीदत, एहतराम और धार्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। चार दिवसीय इस आयोजन को लेकर मुस्लिम समाज सहित सभी समुदायों में उत्साह का माहौल है। आयोजन समिति द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मस्जिद व आस्ताने आलिया को भव्य रूप से सजाया गया है।
उर्सपाक की शुरुआत 17 मई को परचम कुशाई की रस्म के साथ होगी। इसके बाद शाम को शाही संदल का भव्य जुलूस निकाला जाएगा, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आस्ताने आलिया पहुंचेगा। जुलूस में बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद शामिल होंगे। जगह-जगह स्वागत मंच बनाए जा रहे हैं और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
उर्सपाक के अवसर पर मस्जिद और आस्ताने आलिया को रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक लाइटिंग और इस्लामिक राइटिंग से सजाया गया है। रात के समय पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठता है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग सजावट देखने पहुंच रहे हैं।
भिलाई-3 मुस्लिम समाज की ओर से आयोजित इस भाईचारा महोत्सव में हर वर्ष हजारों की संख्या में जायरीन शामिल होते हैं। आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें सभी धर्मों और समाज के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, जिससे आपसी सौहार्द, भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिलती है।
उर्सपाक के दौरान आयोजित होने वाली कव्वाली महफिलें भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। 18 मई को उत्तर प्रदेश के टीवी सिंगर साकिब उमैर चिश्ती और औरंगाबाद के प्रसिद्ध गायक नसीम जानी के बीच कव्वाली मुकाबला होगा। वहीं 19 मई को राजस्थान के मशहूर कव्वाल इरशाद दिलशाद साबरी और दिल्ली के टीवी सिंगर वसीम साबरी सूफियाना कलाम पेश करेंगे। दोनों रातों में देर रात तक कव्वाली की महफिल सजेगी।
कार्यक्रम में भूपेश बघेल, राजमहंत डोमनलाल कोर्सेवाड़ा विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं विजय बघेल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विधायक प्रतिनिधि सतीश साहू की भी विशेष उपस्थिति रहेगी।
उर्सपाक के अंतिम दिन 20 मई की शाम सभी जायरीन और श्रद्धालुओं के लिए विशेष लंगर का आयोजन किया जाएगा। बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर तबर्रुक हासिल करेंगे।
यह जानकारी मस्जिद मजार कमेटी के अध्यक्ष रुस्तम खान ने दी।



