एआई से आसान होंगे दुर्ग पुलिस के कार्यालयीन कार्य, थाना और कार्यालयों के रीडर्स को दिया गया प्रशिक्षण

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शासकीय पत्र, प्रेस विज्ञप्ति और प्रतिवेदन तैयार करने में तकनीक के उपयोग की दी गई जानकारी; गोपनीयता और तथ्य सत्यापन पर जोर

भिलाई, आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और कार्यालयीन कार्यों को सरल बनाने की दिशा में दुर्ग पुलिस ने पहल की है। पुलिस अधीक्षक के विजन एवं मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थानों और पुलिस कार्यालयों में पदस्थ रीडर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6, भिलाई में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराते हुए दैनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित, समयबद्ध और प्रभावी बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को बताया गया कि एआई आधारित उपकरणों की मदद से शासकीय पत्र, प्रेस विज्ञप्ति, प्रतिवेदन, बैठक की कार्यवाही और अन्य कार्यालयीन दस्तावेजों के प्रारूप तैयार किए जा सकते हैं। इसके अलावा लंबे आदेशों एवं दस्तावेजों का सारांश तैयार करने में भी इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। इससे समय की बचत के साथ कार्यालयीन कार्यों को सुव्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

स्पष्ट निर्देशों से बेहतर परिणाम प्राप्त करने की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न उपयोगों की जानकारी दी। वहीं, रेंज साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक ने उदाहरणों के माध्यम से एआई की कार्यप्रणाली और इसके प्रभावी उपयोग को समझाया।

पुलिसकर्मियों को बताया गया कि एआई आधारित उपकरणों से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए स्पष्ट, सटीक और आवश्यक संदर्भ के अनुरूप निर्देश देना जरूरी है। शासकीय दस्तावेजों के प्रारूप तैयार करने से लेकर सूचनाओं को व्यवस्थित करने और लंबे दस्तावेजों का संक्षिप्त विवरण बनाने तक, इसका उपयोग सहायक साबित हो सकता है। हालांकि, तैयार सामग्री को बिना जांचे सीधे आधिकारिक उपयोग में लेने के बजाय उसका परीक्षण करना आवश्यक है।

मीडिया और सोशल मीडिया की सामग्री तैयार करने पर भी चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान पुलिस की मीडिया गतिविधियों और सोशल मीडिया पर सामग्री प्रकाशित करने से संबंधित पहलुओं की जानकारी भी दी गई। इसमें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, वीडियो बाइट रिकॉर्ड करने तथा समाचार एवं अन्य सामग्री को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के तरीकों पर चर्चा की गई।

साथ ही, सोशल मीडिया पर कोई सामग्री प्रकाशित करने से पहले उसके तथ्यों, कैप्शन और विवरण की जांच करने की आवश्यकता बताई गई। एआई से तैयार सामग्री में त्रुटि या भ्रामक जानकारी होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रकाशन से पहले उसकी पुष्टि करने पर विशेष जोर दिया गया।

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गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की दी गई हिदायत

पुलिस कार्यों में सूचना की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि केस डायरी, विवेचना से संबंधित गोपनीय विवरण, पीड़ितों एवं मुखबिरों की पहचान तथा अन्य संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक एआई उपकरणों पर साझा नहीं किया जाना चाहिए।

इसके अलावा एआई से तैयार दस्तावेजों में दर्ज तथ्यों, कानूनी प्रावधानों और संबंधित विवरणों का सत्यापन करना जरूरी बताया गया। पुलिसकर्मियों को निर्धारित विभागीय प्रक्रिया का पालन करते हुए तकनीक का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी गई।

अंतिम सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की

दुर्ग पुलिस का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाना और दैनिक कार्यालयीन कार्यों को अधिक सरल एवं व्यवस्थित बनाना है। एआई आधारित उपकरण दस्तावेज तैयार करने और सूचनाओं को संक्षिप्त करने में मददगार हो सकते हैं, लेकिन इनसे तैयार सामग्री की तथ्यात्मक शुद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

पुलिस विभाग के अनुसार, तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी और निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाना चाहिए। प्रत्येक शासकीय दस्तावेज की शुद्धता, गोपनीयता और अंतिम सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की ही रहेगी। दुर्ग पुलिस की यह पहल आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए बेहतर और प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Link : https://shricgnewscreator.com/ai-to-streamline-administrative-work-for-durg-police-training-provided-to-readers-at-police-stations-and-offices/

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