एसटीएफ जवानों को साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण, मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिलाई डिजिटल सतर्कता की शपथ

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दुर्ग पुलिस के प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों, संदिग्ध लिंक और ओटीपी धोखाधड़ी से बचाव की दी जानकारी; 1930 पर तत्काल शिकायत की अपील

दुर्ग, साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के बीच दुर्ग पुलिस की ओर से एसटीएफ के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल सतर्कता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस लाइन दुर्ग स्थित प्रशासनिक भवन के दधीचि प्रशिक्षण हॉल में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम में साइबर अपराध के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन ठगी के तरीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग को लेकर अधिकारी-कर्मचारियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी, ओटीपी से संबंधित धोखाधड़ी और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों से बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।

सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सतर्कता जरूरी

मुख्य अतिथि मंत्री गजेन्द्र यादव ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनजान व्यक्तियों से आने वाले संदेश, फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदिग्ध लिंक को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की। साथ ही साइबर सुरक्षा को लेकर परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने पर जोर दिया।

तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई पर जोर

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस की तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को साइबर अपराध के लगातार बदलते तरीकों से अपडेट रहने और साइबर शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया।

1930 पर तत्काल शिकायत की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय ठगी की स्थिति में समय पर शिकायत करने से कार्रवाई की संभावना बढ़ती है। अधिकारी-कर्मचारियों को डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय व्यक्तिगत जानकारी और बैंकिंग संबंधी विवरण सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक किया गया।

साइबर सुरक्षा की दिलाई शपथ

कार्यक्रम के दौरान एसटीएफ के अधिकारी-कर्मचारियों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने और डिजिटल माध्यमों का सतर्कतापूर्वक उपयोग करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर मंत्री गजेन्द्र यादव ने एसटीएफ के जवानों के साथ सामूहिक सेल्फी भी ली।

कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा ने किया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर दुर्ग हर्षित मेहर, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) चन्द्रप्रकाश तिवारी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और एसटीएफ के जवान मौजूद रहे।

दुर्ग पुलिस ने की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

“एक क्लिक सोच-समझकर, भविष्य सुरक्षित।”

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