महाभारत प्रसंग, स्वास्थ्य जागरूकता और देशभक्ति से लेकर प्रकृति व संवेदनाओं तक विविध विषयों पर हुआ काव्य पाठ, 23 अगस्त को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का होगा आयोजन
रायपुर, साहित्य सृजन संस्थान परिवार की 47 वीं मासिक काव्य संध्या का सफल आयोजन वृंदावन हॉल में हुआ।कार्यक्रम में कुहुक अग्रवाल की महाभारत के प्रसंग पर रोचक प्रस्तुति प्रस्तुत कर श्रोताओं की तालियां बटोरी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. संजय अलंग द्वारा पेट क्यों निकलता है के ऐतिहासिक कारणों की जानकारी दी वहीं विशिष्ठ अतिथि डॉ. शिलिका लालवानी ILS हॉस्पिटल द्वारा मधुमेह, थायरॉइड एवं मोटापे जानकारी देते हुए उपस्थित लोगों के प्रश्नों के उत्तर दिया। कोरबा से पधारी विशिष्ठ अतिथि अनुसुईया श्रीवास द्वारा काव्य पाठ कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। शशि सुरेंद्र दुबे एवं महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष ममता खरे मधु ने भी अपनी रचना का पाठ किया। उपस्थित 60 कवियों ने काव्य पाठ किया, पूरे समय हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। कार्यक्रम का संचालन उमेश कुमार सोनी नयन द्वारा किया गया।
प्रेम सभी का लेकर यारा
आगे कदम बढ़ाता चल।
क्या तेरा क्या मेरा करता गिरवी हर सामान रखा,
दो सांसों के बीच में देखो जीवन का मेहमान फंसा, अपर्णा सिंह
बेतुको की तुकबंदी का
यहां बड़ा ही मान है
कलम की धार यहां चूक रही है
हम अचूकधार के तलबगार हैं
विवेक कुमार रहाटगांवकर
देश की सुरक्षा में जो खड़े हैं सरहदों पर ऐसे देशभक्त बेटों को प्रणाम है प्राणों की बाजी लगाकर लड़े जो सरहदों पर ऐसे वीर जवानों को प्रणाम है
महेन्द्र कुमार बेजुबॉं
भावनाएँ शब्दों की मोहताज नहीं होती
मौन की भाषा में ही छिपी,
प्रेम की परिभाषा होती है।
आँखों का पानी कह देता है,
जो होंठ कभी बोल न पाए।
काँपते हाथ थाम लेना,
हज़ार लफ़्ज़ों पर भारी जाए।
मंजू सरावगी मंजरी, रायपुर
रग रग से है प्यार झलकता
पर आँखों में पानी है।
विश्व धरा की सबसे सुंदर ,
सृष्टि वो तो नारी है ।
मंजू जैन
वाह रे मानव तेरी लीला
अच्छा भ्रम तूने फैलाया
खुद का दोष मुझ पर लगाया
और कहते हो अल-नीनो आया।
डॉ. सुनीता पवार
तेरी ख़ामोश आंखो में मेरा हर दर्द पलता है,
मेरा दिल होके बेकाबू न जाने क्यों मचलता है। वो हर वादे सभी कसमे निभाना चाहते थे पर,
जमाने की लगी नज़रें हुये जज़्बात फिर बेघर।
वो सूनी राह चलकर के कहां मंज़र बदलता है।
तेरी ख़ामोश~~। ममता खरे ‘मधु’
मैं हँसता हूँ कि हँसने के लिये पैसे नहीं लगते,
वो रोते है मगर रोने के भी जैसे नहीं लगते ।
उमेश कुमार सोनी ‘नयन’
कारगिल युद्ध कोई आम युद्ध नहीं था ।२६ जुलाई १९९९ में भारत माँ के वीर सपूतों ने बर्फीली चोटियों पर तिरंगा फहराकर दुनिया को बता दिया था कि, भारतीय सेना का हौसला हिमालय से भी ऊँचा है ।
रूनाली चक्रवर्ती
कालचक्र का पहिया घूमें,
ना थकें,ना रुकें,ना किसी से पूछे।
अधंकार में जो विलयित था,
आज वह उषा बन प्रफुल्लित हुआ।
पतझड़ में जो था सूखा पेड़,
बसंत बयार में वही लहराया।
युग काआना जाना भी आवर्तन,
इतिहास स्वयं को दुहराता। कल्याणी तिवारी “कोकि”
कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि
नमन शहीदों को करें, किए प्राण बलिदान।
कोटि-कोटि मस्तक झुके, कर उनका सम्मान।। लहू शहीदों का बना, दुश्मन पर भूचाल।
सिंह गर्जना कर चले, भारत माँ के लाल।। सुषमा प्रेम पटेल
खाये निया कई महीना ले, चिला के रोटी।
सुन्ना हावय कई बछर ले, अम्मा के गोदी।
तन मन से देथे पहरा, देश के रखवाला।
हटे नही कभू पाछु, ये तोर घर वाला।
ककरो पैगाम आथे ओ गोरी.. बॉडर पार म।
तोर सुरता आथे ओ गोरी बॉडर पार म। वीरेन्द्र घृतलहरे
नकटी गांव के घर की बच्ची पूँछ रही हे! मईया।
कहां रहे गौरैया?मईया कहां रहे गौरैया? संवेदना अगर जीवन में नहीं तुम्हारे आई।
व्यर्थ की डिग्री ली है हमने,काम की नहीं पढ़ाई।
संवेदना और करुणा का पाठ पढ़े हम भईया।
कहां रहे गौरैया मईया?कहां रहे गौरैया?
कवि रमेश तिवारी (सरयां)
शून्य पुत्र दशमलव
शिव मां के अवगुंजन से एक चितेरा जन्म लिया
शिव ने मैय्या से पूछा
ये नन्हा सा कौन प्रिये
सौर बुनेगा बोल शिवानी
ये अपना पहला तारा
सोच समझ कर रखना भवानी विश्व दशमलव पायेगा
डॉक्टर चंद जैन,”अंकुर “
चलती वर्षा ऋतु की हवा,
चारों दिशाओं ओर,
पवन चले ले नमी,
घटा उठे घनघोर,
वंदना ठाकुर, बिलासपुर
राजकुमार धर द्विवेदी, ताबीर हुसैन ,किशोर लालवानी, एच एस ठाकुर, मन्नूलाल यदु, मयूराक्षी मिश्रा, डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव, बंसी लाल जैन, सरोज सप्रे,भीम कुमार साहू, सुरेश कुमार शर्मा, हबीब खान समर, उत्तम देवहरे, शिवपुरी, अंजु पाण्डेय, आराध्या शर्मा, बलराम राठौर कोरबा, दुर्गा श्रीवास, सुनीता राठौर कोरबा, शैलेन्द्र कुमार संघी, निरंजन सिंह यादव, रविंद्र सिंह यादव, अनिता झा, कर्नल डॉ. चारु दीवान, डॉ. ओ पी सोनी, चेतन भारती, सूरज सोनी, संजय खरे, विष्णु अग्रवाल, अशोक खरे, राकेश अग्रवाल, शिव शंकर गुप्ता, के के पाठक, छबिलाल सोनी, जितेंद्र पांचाल, शशि शर्मा अनामिका, आर पद्मावती, श्रीनिवास राव, राममूरत शुक्ला, अशोक खरियार, शांतिलाल बरडिया, अजय सोनी, किरणलता वैद्य, श्रीराम अग्रवाल, मणि मूर्ति अग्रवाल, यशवंत यदु ने उपस्थिति होकर काव्य पाठ का आनंद लिया।
संस्था के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि 23 अगस्त को संस्था द्वारा वृंदावन हॉल में सुबह 10 बजे से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसमें राष्ट्रीय कवियों का काव्य पाठ होगा।
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