मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, निदान और जनदर्शन के लंबित मामलों पर निगम कमिश्नर ने कसा शिकंजा, अधिकारियों-कर्मचारियों को सौंपी जिम्मेदारी
भिलाई, आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा प्रशासन ने नई पहल की है। अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, निदान, जनदर्शन सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाले आवेदनों और शिकायतों की नियमित समीक्षा प्रत्येक शुक्रवार को की जाएगी। इसके लिए निगम के कॉन्फ्रेंस हॉल में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित होगी। निगम कमिश्नर एस. के. सुंदरानी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी हैं।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना है। साथ ही केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय शिकायतों पर की गई कार्रवाई की गुणवत्ता और आवेदकों की संतुष्टि पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। निगम प्रशासन का मानना है कि नियमित समीक्षा से लंबित प्रकरणों की स्थिति स्पष्ट होगी और विभागीय स्तर पर जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
लंबित प्रकरणों पर कमिश्नर ने ली जानकारी
इसी व्यवस्था के तहत शुक्रवार 30 अक्टूबर को कमिश्नर एस. के. सुंदरानी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, निदान और जनदर्शन पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की गई। कमिश्नर ने संबंधित विभागों से प्रकरणों में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली और जिन मामलों का निराकरण अभी बाकी है, उनमें आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा के भीतर उनका उचित निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी रखी जाए, ताकि अगली समीक्षा बैठक में प्रकरणों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की जा सके।

विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग से सहायक अभियंता हेमंत साहू, उपअभियंता मुकेश रात्रे, मुकेश चंद्राकर, केहर कुमार मरकाम एवं प्रभाकर शुक्ला उपस्थित रहे। इसके अलावा सहायक राजस्व अधिकारी अरुणिमा दुबे, स्थापना प्रभारी अभिलाषा श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-3 सुनीता चंद्राकर तथा खाद्य प्रभारी सह निगम सचिव लिंगेश्वर राव भी बैठक में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री आवास योजना सिटी लेवल टेक्निकल सेल के सभी कर्मचारी, कमिश्नर के स्टेनो चेतन देवांगन और जनसंपर्क प्रभारी विकास चंद्र त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
हर सप्ताह होगी प्रगति की पड़ताल
निगम प्रशासन की इस नई व्यवस्था से अब शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर नियमित निगरानी रखी जा सकेगी। प्रत्येक शुक्रवार को होने वाली बैठक में लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा के साथ संबंधित विभागों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। इससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
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