देश के विभिन्न राज्यों में ठगी की रकम के लेन-देन से जुड़े मामले में कार्रवाई, आरोपियों के बैंक खातों के जरिए होता था पैसों का हस्तांतरण
भिलाई, साइबर ठगी से प्राप्त रकम को बैंक खातों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में ट्रांसफर करने के मामले में दुर्ग पुलिस ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खुर्सीपार थाना पुलिस की इस कार्रवाई में तरुण कुमार, गौरव साहू, जसमीत, निखिल नेम और नरगिस बानो को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर अपने बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और कमीशन लेकर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने में संलिप्त होने का आरोप है।
गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर इंडियन बैंक के 81 खातों के दुरुपयोग से जुड़े इस मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका और बैंक खातों के जरिए हुए संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रही है।
कमीशन के बदले उपलब्ध कराते थे बैंक खाते
पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी अपने बैंक खाते साइबर अपराध में संलिप्त व्यक्तियों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराते थे। कुछ मामलों में खातों के माध्यम से ठगी की रकम प्राप्त करने के बाद उसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बदले खाताधारकों को कमीशन मिलने की बात सामने आई है।
इस तरीके से साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों के माध्यम से आगे भेजा जाता था। ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित धन के लेन-देन में किए जाने के कारण पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
इन पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
खुर्सीपार थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में तरुण कुमार (40), निवासी बालाजी नगर, खुर्सीपार; गौरव साहू (23), निवासी शंकर नगर, थाना मोहन नगर; जसमीत (23), निवासी शिवाजी नगर, खुर्सीपार; निखिल नेम (22), निवासी एसटीएफ कॉलोनी, बघेरा, थाना दुर्ग; और नरगिस बानो (26), निवासी मछली मार्केट, खुर्सीपार शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले में पहले भी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में पूर्व गिरफ्तारियों और वर्तमान कार्रवाई के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े दिए गए हैं। इसलिए कुल गिरफ्तारी की संख्या की आधिकारिक पुष्टि किया जाना आवश्यक है।
देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े हैं लेन-देन
यह मामला थाना खुर्सीपार, जिला दुर्ग में दर्ज किया गया है, जबकि संदिग्ध बैंक लेन-देन का संबंध देश के विभिन्न राज्यों से बताया गया है। पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी और विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
प्रकरण में अपराध क्रमांक 272/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3), 318(4) एवं 238 के अंतर्गत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। कमीशन अथवा अन्य आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए देना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
पुलिस ने कहा है कि बैंक खाते में किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित बैंक और पुलिस को सूचित करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्रवाई में खुर्सीपार थाना प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण केवट और उनकी टीम की भूमिका रही।
Link : https://shricgnewscreator.com/five-more-accused-involved-in-transferring-funds-from-cyber-fraud-arrested-case-concerns-the-misuse-of-81-bank-accounts/













