पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झंडा दिखाकर कांवड़ यात्रा को किया रवाना, महापौर निर्मल कोसरे के नेतृत्व में निकली यात्रा
भिलाई-चरोदा, सावन मास के पवित्र अवसर पर भिलाई-चरोदा क्षेत्र रविवार को भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आया। बोलबम के जयघोष के बीच हजारों शिवभक्तों ने कांवड़ यात्रा निकाली। चरोदा बस्ती स्थित प्राचीन कुएं से पवित्र जल लेकर श्रद्धालु करीब 16 किलोमीटर नंगे पैर चलकर देवबलोदा स्थित ऐतिहासिक महादेव मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
कांवड़ यात्रा की शुरुआत नगर निगम भिलाई-चरोदा के वार्ड क्रमांक 21 चरोदा बस्ती स्थित प्राचीन कुएं में पूजा-अर्चना के साथ हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ियों को झंडा दिखाकर यात्रा के लिए रवाना किया। इसके बाद बड़ी संख्या में शिवभक्त बोलबम का जयघोष करते हुए देवबलोदा के लिए रवाना हुए।

महापौर निर्मल कोसरे ने किया नेतृत्व
विशाल कांवड़ यात्रा का नेतृत्व नगर निगम भिलाई-चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे ने किया। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता और श्रद्धालु नंगे पैर यात्रा में शामिल हुए। रास्तेभर कांवड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
सड़कों पर गूंजते ‘बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष, घंटे-घड़ियालों की ध्वनि तथा शिव भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया और उनके लिए फलाहार व अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की।
झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
कांवड़ यात्रा में भगवान शंकर की आकर्षक और भव्य झांकियां भी शामिल रहीं। झांकियों को देखने के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में लोग जुटे। यात्रा के दौरान युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कांवड़ लेकर पैदल यात्रा पूरी की।
आयोजकों ने कहा कि यह कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश भी देती है। सावन के अवसर पर प्रतिवर्ष होने वाली इस धार्मिक परंपरा में क्षेत्र के लोगों की बढ़ती भागीदारी आयोजन की विशेषता रही।
जगह-जगह कांवड़ियों का स्वागत
कांवड़ियों के स्वागत के लिए यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए। पंचशील नगर चरोदा में आशीष बंजारी की ओर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया तथा फलाहार वितरित किया गया। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी श्रद्धालुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कांवड़ियों को फल एवं प्रसाद वितरित किया।
देवबलोदा मंदिर में हुआ जलाभिषेक
करीब 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद कांवड़िए देवबलोदा स्थित ऐतिहासिक महादेव मंदिर पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पूजा-अर्चना के साथ कांवड़ यात्रा का समापन हुआ। मंदिर परिसर में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु हुए शामिल
कांवड़ यात्रा में जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर, सभापति कृष्णा चंद्राकर, ब्लॉक अध्यक्ष श्रीकांत वर्मा, मनोज मढ़रिया, मोहन साहू, पप्पू चंद्राकर, युवराज कश्यप, टेनेन्द्र ठाकरे, अशफाक अहमद, टिपेश साहू, मोहम्मद आमिर, डामेंद्र परगनिया, बीएन राजू, डी. वेंकट, संजय यादव, संतोष तिवारी, शरद डोरा, भागी निर्मलकर, गिरजा शंकर, संदीप सिंह, हरमीक सिंह, ललित साहू, विजय राठौर, हेमंत वर्मा, राकेश वर्मा, विकास कुर्रे, लक्ष्मी बंछोर, मंजू साहू, गायत्री साहू, संतोषी निषाद, दीप्ति वर्मा, मनोज डहरिया, देवकुमारी, एम. जॉनी, मनीष वर्मा, अभिषेक वर्मा, शरद यादव, बहल साहू, विनोद निषाद, आशीष वर्मा, भूपेंद्र वर्मा, नरेंद्र वर्मा, ईश्वर साहू, धर्मेंद्र कोसरे, डे साहब वर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।
कांवड़ यात्रा के सफल आयोजन ने भिलाई-चरोदा में धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत की। बोलबम के जयघोष के साथ निकली यह यात्रा पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल छोड़ गई।
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