अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के निधन से शोक में डूबा विधानसभा क्षेत्र

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78 वर्ष की उम्र में हैदराबाद के अस्पताल में ली अंतिम सांस, बालोद जिले के गृहग्राम भेंडरा में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

भिलाई, अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजमहंत डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। 30 अक्टूबर को हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में 78 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से फेफड़े संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और गत 3 अक्टूबर से अस्पताल में उपचाराधीन थे। उनके निधन की खबर मिलते ही अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और भाजपा संगठन से जुड़े लोगों में शोक व्याप्त हो गया।

भिलाई तीन, विधायक कार्यालय

विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का पार्थिव शरीर भिलाई-3 पहुंचा, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एयर एंबुलेंस से रायपुर लाने के बाद भिलाई-3 स्थित विधायक कार्यालय पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सैकड़ों नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान दुर्ग कलेक्टर, एसपी सहित प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। विधायक के निधन से पूरे अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर है।

भिलाई तीन विधायक कार्यालय
वीडियो भिलाई 3

समर्थकों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी स्थिति में कुछ सुधार होने पर उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक तीव्र हृदयाघात आने से उनका निधन हो गया। उनके जाने से अहिवारा क्षेत्र ने एक ऐसे जनप्रतिनिधि को खो दिया है, जिन्होंने शिक्षक के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया और बाद में राजनीति के माध्यम से क्षेत्र की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शिक्षक से विधायक तक का रहा प्रेरणादायी सफर

राजमहंत डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का सार्वजनिक जीवन शिक्षा, समाज सेवा और राजनीति के क्षेत्र में समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने जनवरी 1972 में शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं। एक शिक्षक के रूप में उन्होंने लगभग 34 वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की और नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिक्षण कार्य के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति समर्पण ने उन्हें क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई।

शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही उन्होंने तत्कालीन सांसद ताराचंद साहू के मार्गदर्शन में लगभग 12 वर्षों तक उनके निज सहायक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान उन्हें राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की मजबूत आधारशिला बना।

राष्ट्रपति के हाथों मिला था गुरु घासीदास सम्मान

शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए वर्ष 2006 में उन्हें प्रतिष्ठित गुरु घासीदास सम्मान से सम्मानित किया गया था। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के कर-कमलों से प्राप्त यह सम्मान उनके सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा। एक शिक्षक के रूप में अर्जित प्रतिष्ठा और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई।

अहिवारा के पहले विधायक बने, 2023 में दूसरी बार मिली जीत

वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद अहिवारा विधानसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया। इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया और वे चुनाव जीतकर इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में भले ही परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं रहीं, लेकिन उन्होंने क्षेत्र की जनता और भाजपा संगठन से अपना जुड़ाव बनाए रखा।

लगातार जनता के बीच सक्रिय रहने और संगठन के प्रति निष्ठा का परिणाम वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिला। अहिवारा की जनता ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और वे दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए। अपने लंबे राजनीतिक अनुभव, सरल व्यवहार और जनसंपर्क के कारण वे क्षेत्र में एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में पहचाने जाते थे।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के बनाए गए थे उपाध्यक्ष

उनकी वरिष्ठता और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए अक्टूबर 2025 में उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया गया था। इस जिम्मेदारी के माध्यम से उन्हें अनुसूचित जाति वर्ग के विकास और कल्याण से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिला।

भेंडरा में राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई

खराब मौसम के कारण उनके पार्थिव शरीर को हैदराबाद से रायपुर लाने में कुछ विलंब हुआ। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रायपुर के माना विमानतल पहुंचने के बाद उनके पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र स्थित उनके गृहग्राम भेंडरा ले जाया जाएगा।

अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को कुछ समय के लिए  दुर्ग के जवाहर नगर स्थित निवास पर भी रखे जाने की योजना है, ताकि क्षेत्र के लोग और समर्थक उन्हें अंतिम विदाई दे सकें। इसके बाद गृहग्राम भेंडरा में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

राजमहंत डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का निधन अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। शिक्षक, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि के रूप में उनके योगदान को क्षेत्रवासी लंबे समय तक याद रखेंगे। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जीवन में एक ऐसा स्थान रिक्त हो गया है, जिसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा।

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