भिलाई के डॉक्टर के सूने मकान को बनाया था निशाना, 47.64 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण बरामद; चोरी की रकम से दिल्ली में खरीदी थी एक्सयूवी कार
भिलाई, वैशाली नगर थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर के सूने मकान से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और सोने-चांदी तथा हीरे के आभूषणों की सनसनीखेज चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में लगातार दबिश देकर गिरोह से जुड़े नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपित राहुल बंसोड़ अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें जुटी हुई हैं।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे और निशानदेही पर 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार और सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल सहित लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की है। इस मामले में चोरी के आभूषण खरीदने वाले ज्वेलर्स और चोरी का माल छिपाने तथा आरोपितों को भागने में मदद करने वाले सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
एक सप्ताह के लिए परिवार सहित बाहर गई थीं डॉक्टर, लौटने पर खुला चोरी का मामला
पुलिस के अनुसार, सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह जब वे वापस लौटीं तो घर के अंदर अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी तथा डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले। अज्ञात चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाकर बड़ी मात्रा में कीमती सामान पार कर दिया था।
डॉक्टर की शिकायत पर वैशाली नगर थाने में अपराध क्रमांक 389/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। चोरी गई संपत्ति की कीमत काफी अधिक होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) और नगर पुलिस अधीक्षक भिलाईनगर के नेतृत्व में वैशाली नगर थाना पुलिस तथा एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से राहुल बंसोड़ तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान वैशाली नगर क्षेत्र के राहुल बंसोड़ का नाम सामने आया। घटना के आसपास उसे अपने साथियों के साथ घटनास्थल के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते देखा गया था। घटना के बाद से ही उसके फरार होने की जानकारी भी पुलिस को मिली।
पुलिस ने उसकी तलाश में विशेष टीम गठित कर महाराष्ट्र के गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। लेकिन आरोपित लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस को उसके उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और भदोही क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई।
गंगा नदी पार कर बदल रहा था ठिकाना, पुलिस ने भदोही से आरोपित को पकड़ा
मुख्य आरोपित और उसके साथी प्रयागराज तथा मिर्जापुर के बीच लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस से बचने के लिए वे गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव के माध्यम से आवागमन कर रहे थे। स्थानीय पुलिस की मदद से अलग-अलग टीमें बनाकर घेराबंदी की गई।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने चोरी में शामिल प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने चोरी की घटना में शामिल होना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उसके हिस्से में आई नकदी और सोने के आभूषण घर के कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए स्थान से बरामद किए गए।
ज्वेलर्स ने भट्टी में गलाए चोरी के सोने के आभूषण
पूछताछ में प्रदीप कुमार चौधरी ने बताया कि उसने अपने हिस्से के सोने के आभूषण उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेच दिए थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने ज्वेलर्स संचालक से पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, सोनू जायसवाल ने चोरी के आभूषण कम कीमत पर खरीदने की बात स्वीकार की। उसने कुछ आभूषणों को अपने घर में रखी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप भी बदल दिया था, ताकि उनकी पहचान छिपाई जा सके। इस मामले में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। उस पर चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, चोरी का माल खपाने और आरोपितों को सहयोग देने के बदले लाखों रुपये प्राप्त करने का आरोप है।
चोरी की रकम से दिल्ली में खरीदी एक्सयूवी, घर की मरम्मत में भी खर्च किए रुपये
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने चोरी की रकम का इस्तेमाल निजी सुविधाओं और संपत्ति खरीदने में किया था। प्रदीप कुमार चौधरी ने अपने हिस्से की रकम से घर में बोरिंग करवाने, मकान की मरम्मत कराने और मोटर पंप लगवाने के अलावा करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी थी।
वहीं, मुख्य आरोपित राहुल बंसोड़ चोरी के बाद भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी। इसके बाद उसी वाहन से भिलाई वापस आया। पुलिस ने चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार और सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
सुपेला चौक के पास कार छोड़कर भागा मुख्य आरोपित, चोरी का माल ले जाने की थी तैयारी
जांच में पुलिस को पता चला कि राहुल बंसोड़ ने चोरी की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण अपने माता-पिता तथा भाई के पास छिपाकर रखे थे। वह पुलिस की नजरों से बचते हुए चोरी का माल हासिल करने के उद्देश्य से भिलाई आया था। पुलिस पहले से ही उसके घर, रिश्तेदारों, परिचितों और दोस्तों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
पुलिस की घेराबंदी की भनक लगने पर राहुल अपनी एक्सयूवी कार सुपेला चौक के आसपास छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों को इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल लेकर राजनांदगांव-नागपुर रोड की ओर आने के लिए कहा।
जांच में आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, इनोवा वाहन मालिक आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका सामने आई। इन लोगों ने इनोवा वाहन क्रमांक सीजी-11-आई-9909 की व्यवस्था कर चोरी की नकदी और आभूषणों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की योजना बनाई थी। इसके एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त करने की बात भी जांच में सामने आई।
तड़के तीन बजे पुलिस की घेराबंदी, वाहनों में भाग रहे आरोपित पकड़े गए
पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संभावित रास्तों पर रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की। इसी दौरान तड़के लगभग तीन बजे चोरी का माल लेकर निकल रहे आरोपितों और उनके सहयोगियों को पुलिस ने आगे और पीछे से घेरकर रोक लिया। अचानक हुई कार्रवाई से आरोपितों को संभलने का मौका नहीं मिला।
पुलिस ने उनके कब्जे से इनोवा वाहन, नकदी और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए। जांच में राहुल के माता-पिता और भाई की भूमिका चोरी का माल छिपाकर रखने तथा चोरी की रकम का घरेलू खर्चों में उपयोग करने के संबंध में सामने आई है। वहीं अन्य सहयोगियों पर मुख्य आरोपित को पुलिस से बचाने, चोरी का माल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और फरार होने में मदद करने का आरोप है।
नौ आरोपित गिरफ्तार, मुख्य आरोपित की तलाश जारी
इस मामले में पुलिस ने नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें उत्तर प्रदेश के भदोही निवासी प्रदीप कुमार चौधरी, सुजीत सिंह और ज्वेलर्स संचालक सोनू जायसवाल के अलावा भिलाई के रविन्द्र बंसोड़, किरण बंसोड़, आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह शामिल हैं।
मुख्य आरोपित राहुल बंसोड़ घटना के बाद से फरार है। दुर्ग पुलिस की विशेष टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर निम्नलिखित संपत्ति बरामद की है।
- 47 लाख 64 हजार रुपये नकद।
- सोने के छोटे-बड़े कंगन, चेन, लॉकेट और अन्य आभूषण।
- चांदी के आभूषण और चांदी के बिस्किट।
- चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार।
- नई सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल।
- वारदात और परिवहन में प्रयुक्त इनोवा वाहन।
- सोना-चांदी तौलने के दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू।
- एक डीवीआर, डेल कंपनी का लैपटॉप और एक टैबलेट।
- एक पेटीएम मशीन और पावर बैंक।
- चोरी की रकम से खरीदे गए दो मोबाइल सहित कुल सात मोबाइल फोन।
पुलिस के अनुसार, बरामद और जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है।
अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई में पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
दुर्ग पुलिस ने घटनास्थल निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपितों की पहचान की। इसके बाद छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक लगातार दबिश देकर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर चोरी के माल की बरामदगी, चोरी के आभूषण खरीदने वाले ज्वेलर्स की गिरफ्तारी और चोरी की रकम से खरीदे गए वाहनों की जब्ती की गई। विशेष रूप से तड़के तीन बजे चोरी का माल लेकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपितों को घेराबंदी कर पकड़ना पुलिस की सुनियोजित कार्रवाई का अहम हिस्सा रहा।
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपित राहुल बंसोड़ की गिरफ्तारी, चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी और मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।
घर सूना छोड़ने से पहले पुलिस को दें सूचना
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर को लंबे समय तक सूना छोड़कर बाहर जाने से पहले संबंधित थाना या बीट पुलिस को इसकी सूचना अवश्य दें। घर में मजबूत ताले लगाएं और संभव हो तो सीसीटीवी कैमरे तथा अलार्म सिस्टम स्थापित कराएं। बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण घर में रखने से बचें तथा आवश्यक होने पर बैंक लॉकर का उपयोग करें।
पुलिस ने आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति या अनजान वाहन की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल सूचना देने और घर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की सलाह भी दी है। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर सूचना देने की अपील की गई है।
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