लंबे समय से की जा रही थी अतिरिक्त न्यायालय की मांग, मामलों की बढ़ती संख्या के बीच ईशानी अवधिया की नियुक्ति
भिलाई, पुरानी भिलाई व्यवहार न्यायालय में अब सिविल मामलों की सुनवाई का रास्ता भी साफ हो गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुर्ग जिला न्यायालय में पदस्थ द्वितीय सिविल जज जूनियर डिवीजन ईशानी अवधिया का स्थानांतरण कर उन्हें भिलाई-3 में प्रथम सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर पदस्थ किया है। हाईकोर्ट के इस निर्णय से पुरानी भिलाई व्यवहार न्यायालय में लंबे समय से बंद पड़े सिविल न्यायालय के संचालन की उम्मीद जगी है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल राजीश श्रीवास्तव की ओर से 24 अगस्त 2026 को जारी आदेश में ईशानी अवधिया को वर्तमान पदस्थापना स्थल दुर्ग से कार्यमुक्त होकर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें 31 अगस्त या उससे पहले भिलाई-3 में कार्यभार ग्रहण करना है।
2011 में शुरू हुआ था व्यवहार न्यायालय
पुरानी भिलाई व्यवहार न्यायालय का शुभारंभ 2 जुलाई 2011 को नगर पालिका परिषद भिलाई-चरोदा के भवन में हुआ था। शुरुआत में यहां प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी वर्ग-1 का एक न्यायालय संचालित होता था। मामलों की संख्या बढ़ने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी वर्ग-2 का न्यायालय भी शुरू किया गया था। बाद में तहसीलों के पुनर्गठन और कुछ गांवों के पाटन तहसील में शामिल होने के कारण मामलों की संख्या कम हुई, जिसके चलते वर्ग-2 का न्यायालय बंद हो गया।
वर्तमान में पुरानी भिलाई व्यवहार न्यायालय में एकमात्र वर्ग-1 न्यायालय संचालित है, जिसमें अभिनव डहरिया कार्यरत हैं। वहीं, क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे न्यायिक मामलों को देखते हुए अतिरिक्त न्यायालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की भी मिली सौगात
पुरानी भिलाई व्यवहार न्यायालय में न्यायालयों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर स्थानीय अधिवक्ता संघ लंबे समय से प्रयासरत रहे हैं। अधिवक्ताओं ने इस मांग को लेकर कई बार उच्च न्यायालय बिलासपुर पहुंचकर तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा से मुलाकात भी की थी।
मामलों की अधिकता और क्षेत्र की न्यायिक जरूरतों को देखते हुए कुनकुरी में पदस्थ भानु प्रताप सिंह त्यागी को भिलाई के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वे पूर्व में दुर्ग में 8वें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। इससे पुरानी भिलाई क्षेत्र में उच्च स्तर के मामलों की सुनवाई के लिए न्यायिक व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।
चार थाना क्षेत्रों के मामलों की होती है सुनवाई
पुरानी भिलाई व्यवहार न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में वर्तमान में थाना पुरानी भिलाई, कुम्हारी, जामुल तथा अमलेश्वर थाना क्षेत्र के कुछ गांवों से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई होती है। जामुल थाना क्षेत्र के मामलों के जुड़ने के बाद न्यायालय में प्रकरणों का भार और बढ़ गया है। ऐसे में अतिरिक्त सिविल जज की नियुक्ति को न्यायिक व्यवस्था के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त न्यायालय की मांग लंबे समय से की जा रही थी। एक ही न्यायालय पर अधिक प्रकरण होने से पक्षकारों और अधिवक्ताओं को सुनवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब सिविल जज की नियुक्ति से सिविल मामलों की सुनवाई के लिए अलग न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध होगी और न्यायिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
दुर्ग से ईशानी अवधिया का स्थानांतरण कर भिलाई-3 में प्रथम सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर नियुक्ति को इसी मांग की पूर्ति के रूप में देखा जा रहा है। जुलाई 2024 से दुर्ग में द्वितीय सिविल जज जूनियर डिवीजन के रूप में कार्यरत रहीं अवधिया अब भिलाई-3 में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी।
पुरानी भिलाई व्यवहार न्यायालय में सिविल जज और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की नियुक्ति से क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर न्याय मिलने की प्रक्रिया आसान होने तथा मामलों के शीघ्र निराकरण की उम्मीद बढ़ी है।
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