भिलाई में जन्म और शिक्षा से लेकर भिलाई इस्पात संयंत्र में 33 वर्षों की सेवा तक का प्रेरणादायी सफर, सामाजिक क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय
भिलाई, भिलाई शहर से गहरा जुड़ाव रखने वाले रामचन्द्र ने अपनी मेहनत, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक प्रतिबद्धता के जरिए एक प्रेरणादायी सफर तय किया है। भिलाई में जन्म और शिक्षा प्राप्त करने से लेकर भिलाई इस्पात संयंत्र में 33 वर्षों तक सेवाएं देने तक उनका जीवन कर्म और समाजसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उत्कृष्ट कार्य और सेवाभाव के सम्मानस्वरूप सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा उन्हें ‘कर्म शिरोमणि पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है।
रामचन्द्र का जन्म भिलाई के सेक्टर-1 हॉस्पिटल में हुआ। उनकी प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की पूरी पढ़ाई भिलाई में ही हुई। वर्ष 1986 में उन्होंने मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद ग्रेजुएशन की शिक्षा भी भिलाई में ही पूरी की। इस तरह उनका बचपन, शिक्षा और कर्मभूमि तीनों ही भिलाई से जुड़े रहे।
33 वर्षों तक भिलाई इस्पात संयंत्र में दी सेवाएं
रामचन्द्र ने भिलाई स्टील प्लांट में 33 वर्षों तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वे इंजीनियरिंग एसोसिएट के पद पर एसएमएस-2 विभाग में कार्यरत हैं। लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ किया।
उनकी मेहनत, कार्य के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से उन्हें ‘कर्म शिरोमणि पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके वर्षों के परिश्रम और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण माना जा रहा है।
सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान
व्यावसायिक जीवन के साथ-साथ रामचन्द्र सामाजिक गतिविधियों में भी लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने समाजसेवा को केवल सामाजिक दायित्व के रूप में नहीं, बल्कि अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से वे जरूरतमंदों और समाज के बीच अपनी भूमिका निभाते रहे हैं।
रामचन्द्र भाजपा के जिला संगठन के सदस्य के रूप में भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। संगठनात्मक गतिविधियों के साथ सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता ने उन्हें क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है।

परिवार और समाज के लिए प्रेरणादायी सफर
भिलाई में जन्म, इसी शहर में शिक्षा, भिलाई इस्पात संयंत्र में 33 वर्षों की सेवा और लगातार सामाजिक गतिविधियों में योगदान—रामचन्द्र का यह सफर मेहनत और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी को महत्व दिया।
‘कर्म शिरोमणि पुरस्कार’ से सम्मानित होना न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार, साथियों और समाज के लिए भी गौरव का विषय है। उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, कर्तव्य के प्रति निष्ठा और समाजसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने पर सम्मान और सफलता दोनों हासिल की जा सकती हैं।
रामचन्द्र की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर परिवार, मित्रों, सहकर्मियों और समाजजनों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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