अन्नपूर्णा मुहिम बनी चैती बाई साहू का सहारा, संत रामपाल महाराज ने आजीवन लिया गोद

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आर्थिक तंगी से जूझ रही 65 वर्षीय विधवा को मिली राशन सामग्री, खपड़े की छत पर लगाया तिरपाल

दुर्ग, ग्राम रसमड़ा निवासी 65 वर्षीय विधवा चैती बाई साहू आर्थिक तंगी और शारीरिक परेशानी के कारण लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं। अकेले रहने वाली चैती बाई की कलाई टूटी होने के कारण वे घर और बाहर का काम करने में भी असमर्थ हैं। वहीं, बारिश के दौरान खपड़े की जर्जर छत से घर में पानी टपकने से उनकी परेशानी और बढ़ गई थी।

ऐसे कठिन समय में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित अन्नपूर्णा मुहिम उनके लिए सहारा बनी। मुहिम के तहत चैती बाई साहू को आजीवन गोद लेकर उनके लिए आवश्यक राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई। साथ ही, बारिश के पानी को घर के अंदर आने से रोकने के लिए खपड़े के मकान की छत पर तिरपाल भी लगाया गया।

जरूरतमंदों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा

अन्नपूर्णा मुहिम के तहत जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भोजन, वस्त्र, शिक्षा, चिकित्सा तथा आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किए जाने की जानकारी दी गई। इसी क्रम में चैती बाई साहू को भी सहायता प्रदान की गई।

सहायता मिलने के बाद चैती बाई साहू ने संत रामपाल जी महाराज और मुहिम से जुड़े लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में मिली यह सहायता उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है।

मुहिम से जुड़े लोगों के अनुसार, समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाने और उन्हें जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तरह के सेवा कार्य आगे भी जारी रखे जाएंगे।

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