गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन सख्त, प्रमुख मार्गों पर प्रदर्शन-जुलूस पर प्रतिबंध

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गणेश पंडालों में पार्किंग, सीसीटीवी और महिला-पुरुषों के लिए अलग शौचालय अनिवार्य; मिट्टी की प्रतिमा ही मान्य, थर्माकोल-प्लास्टिक पर रोक

भिलाईनगर, गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार आयोजन समितियों के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के तहत शहर के प्रमुख मार्गों पर राजनीतिक, सामाजिक, व्यवसायिक और कर्मचारी संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, सभा, रैली एवं जुलूस आयोजित करने पर प्रतिबंध रहेगा। इन मार्गों पर टेंट, माइक, फर्नीचर अथवा अन्य सामग्री लगाकर यातायात बाधित करने की भी अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने गणेश पंडालों के आयोजन को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं। प्रत्येक गणेश पंडाल और आयोजन के लिए संबंधित नगरीय निकाय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आयोजन के लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। प्रशासन ने समितियों को निर्देश दिया है कि पंडाल लगाने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखें।

पंडालों में स्वच्छता और शौचालय की व्यवस्था जरूरी

गणेश पंडालों में आयोजन के दौरान गंदगी पाए जाने पर संबंधित आयोजन समिति को नगर निगम भिलाई में स्वच्छता सुरक्षा निधि के रूप में निर्धारित राशि जमा करनी होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रत्येक पंडाल में महिला और पुरुषों के लिए पर्याप्त संख्या में अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था करना अनिवार्य किया गया है।

इसके अलावा आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाना भी जरूरी होगा। यह नियम 5 हजार वर्गफीट से कम क्षेत्रफल वाले पंडालों पर भी लागू होगा और इससे बड़े आयोजन स्थलों पर भी सीसीटीवी व्यवस्था अनिवार्य रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

पार्किंग नहीं होने से मुख्य मार्ग पर नहीं लगेगा जाम

गणेश पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं और नागरिकों के वाहनों के लिए आयोजन समितियों को पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी। मुख्य मार्गों पर वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग से यातायात बाधित न हो, इसकी जिम्मेदारी संबंधित आयोजन समिति की होगी। पंडाल के आसपास आवागमन सुचारू बनाए रखने और भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए भी समितियों को आवश्यक इंतजाम करने होंगे।

अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने के लिए विद्युत विभाग से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। बिना अनुमति विद्युत कनेक्शन लेने अथवा असुरक्षित विद्युत व्यवस्था पाए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है।

पंडालों में केवल धार्मिक गीत और भजन बजेंगे

ध्वनि व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती बरती है। गणेश पंडालों में धार्मिक गीत और भजन ही बजाने के निर्देश दिए गए हैं। आपत्तिजनक अथवा अश्लील गाने बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। आयोजन समितियों को ध्वनि व्यवस्था के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

प्रशासन ने नशे के सेवन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पंडाल परिसर अथवा उसके आसपास मादक पदार्थ या अन्य नशीले द्रव्य का सेवन करने वाले व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

मिट्टी की प्रतिमा जरूरी, थर्माकोल-प्लास्टिक पर रोक

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए गणेश प्रतिमा मिट्टी से निर्मित होना अनिवार्य किया गया है। मूर्ति और पंडाल निर्माण में थर्माकोल तथा प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। समितियों को पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडाल में महिला और पुरुषों के प्रवेश की व्यवस्था भी पृथक रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भीड़ के दौरान अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो।

अस्थायी विसर्जन कुंड में ही करना होगा प्रतिमा विसर्जन

गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा बनाए गए अस्थायी विसर्जन कुंड का ही उपयोग करना होगा। प्रतिमा विसर्जन के दौरान पूजा सामग्री को विसर्जन कुंड में डालना प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने पर्यावरण और जलस्रोतों की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए समितियों और श्रद्धालुओं से इन नियमों का पालन करने की अपील की है।

24 घंटे के भीतर हटाना होगा कचरा

आयोजन समाप्त होने के बाद पंडाल परिसर और उसके आसपास उत्पन्न ठोस अपशिष्ट का निपटान 24 घंटे के भीतर करना अनिवार्य होगा। आयोजन समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पंडाल हटने के बाद सड़क, फुटपाथ अथवा आसपास के क्षेत्र में कचरा न रहे।

झांकी की ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं

गणेशोत्सव के दौरान बनाई जाने वाली झांकी की ऊंचाई भी निर्धारित की गई है। प्रशासन के निर्देश के अनुसार झांकी की ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं होगी। आयोजन समितियों को झांकी, पंडाल, विद्युत व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा।

जिला प्रशासन ने गणेशोत्सव समितियों और आयोजनकर्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पर्व को शांतिपूर्ण, स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाएं। प्रशासन का जोर धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ यातायात, पर्यावरण, स्वच्छता और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर है।

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