स्वास्थ्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने और निजीकरण के विरोध में तेज होगा आंदोलन: ओ.पी. शर्मा

Editor
By Editor 4 Min Read

दुर्ग के ठगड़ा बांध में संभागीय बैठक, सदस्यता अभियान, कर्मचारियों की मांगों और सेवानिवृत्त कर्मियों के सम्मान पर हुआ मंथन

दुर्ग, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की संभागीय बैठक रविवार को ठगड़ा बांध, दुर्ग में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, संरक्षक एवं सलाहकार ओ.पी. शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुई। बैठक में सदस्यता अभियान को गति देने, स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित मांगों, वेतन विसंगति, विभाग में बढ़ते निजीकरण तथा विभिन्न कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने कहा कि संगठन प्रदेशभर में सदस्यता अभियान को तेज करेगा और अधिक से अधिक नए कर्मचारियों को जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रमुख मांग वेतन विसंगति को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से पहले दूर कराया जाना है। इसके लिए संगठन चरणबद्ध अभियान चलाएगा। उन्होंने विभाग में बढ़ते निजीकरण पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

संभागीय अध्यक्ष अजय नायक ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी संघ लगातार विभिन्न मंचों के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याएं उठा रहा है, लेकिन अब तक विभिन्न कैडरों की वेतन विसंगतियां दूर नहीं हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि जीवनदीप समिति के कर्मचारियों से न्यूनतम मानदेय पर दिन-रात कार्य लिया जाता है, लेकिन उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र तक नहीं दिया जाता। नियमित भर्ती में अवसर और बोनस अंक नहीं मिलने से उनका लगातार शोषण हो रहा है।

जिला अध्यक्ष सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि दुर्ग जिले में पांच स्वास्थ्य कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि सीधे सेवा समाप्त किए जाने से कर्मचारियों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है और संगठन उनके न्याय की लड़ाई लड़ेगा।

राजनांदगांव जिला अध्यक्ष लाभेश पगारे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का निजीकरण केवल वर्तमान कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर चुनौती है। इससे रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं।

मुख्य अतिथि ओ.पी. शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में निजीकरण की शुरुआत वर्ष 2018 में डीकेएस अस्पताल के गठन के साथ हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निजीकरण ही समाधान है तो अन्य विभागों, विशेषकर राजस्व और प्रशासनिक सेवाओं में इसे लागू क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की मूल मांगों की लगातार अनदेखी किया जाना अन्यायपूर्ण है।

बैठक में डॉक्टर एसोसिएशन सीडा की जिला अध्यक्ष डॉ. विनिता धूव्रे ने स्वास्थ्य विभाग के सभी संवर्गों पर हो रही दंडात्मक कार्रवाइयों के खिलाफ एकजुट होकर न्याय की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व से भी इस संघर्ष में सहयोग देने की मांग की।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त नर्सिंग अधिकारी  मंजू राय तथा वाहन चालक अब्दुल सलीम का शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। वहीं सहायक ग्रेड-2 नशकर टंडन को वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर विभाग का नाम रोशन करने पर सम्मानित किया गया।

बैठक में उप प्रांताध्यक्ष प्रमेश पाल, प्रदेश महामंत्री एस.पी. देवांगन, पी.सी. जेम्स, संतोष देवांगन, पी.एल. धनकर, राघवेंद्र साहू, लक्ष्मीकांत धोटे, खिलावन चंद्राकर, रोशन सिंह, भूपेश उपाध्याय, रवि ताम्रकार, केशव दास बंजारे, शिवेंद्र दानी, सरोज सिंह, कविता साहू, स्वर्णलता तुरकाने, एम.आर. शेख, मुकेश शर्मा, दीपक गायकवाड़, कुलेश्वर देशमुख, संजय सिंह, प्रांतीय सचिव  पुष्पा बांधे, एम. पंडैया, जी. मोहन राव, गोविंद साहू, राकेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

Share This Article