दुर्ग, भिलाई समेत कई जिलों और अन्य राज्यों से बरामद किए गए मोबाइल, पुलिस कंट्रोल रूम में हुआ वितरण कार्यक्रम
भिलाई, दुर्ग पुलिस की एन्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) ने गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 201 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 41 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद मोबाइलों को मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम भिलाई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया।

पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देश पर जिले में गुम मोबाइलों की खोजबीन के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। जिले के विभिन्न थानों में लगातार मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज हो रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारियों के नेतृत्व में एसीसीयू और थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई, जिसे मोबाइल ट्रेस कर संबंधित स्वामियों को वापस दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 में गुम हुए मोबाइल फोन को सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से ट्रेस किया गया। लगातार प्रयास, तकनीकी विश्लेषण और टीम की मेहनत के परिणामस्वरूप दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा और रायपुर सहित अन्य क्षेत्रों तथा मध्यप्रदेश एवं आंध्र प्रदेश से विभिन्न कंपनियों के कुल 201 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 41 लाख रुपये है। मोबाइल मिलने पर उनके स्वामियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने अपने कीमती मोबाइल वापस मिलने पर दुर्ग पुलिस और साइबर टीम का आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में दुर्ग पुलिस द्वारा आयोजित यह चौथा मोबाइल वितरण कार्यक्रम है। लगातार चल रही इस कार्रवाई के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस मिल रहे हैं।

दुर्ग पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि बरामद मोबाइलों के आईएमईआई नंबरों की सूची पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपलोड की जाएगी। जिन लोगों के मोबाइल सूची में शामिल हों, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ सेक्टर-3 स्थित एन्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट कार्यालय पहुंचकर अपना मोबाइल प्राप्त कर सकते हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने तथा सीईआईआर पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि मोबाइल की शीघ्र ट्रैकिंग कर उसे वापस दिलाया जा सके।




