साहित्य सृजन परिषद भिलाई का साहित्यिक आयोजन सुपेला में, कारगिल के शहीदों और तीजन बाई को दी श्रद्धांजलि
भिलाई, साहित्य सृजन परिषद भिलाई पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर सुपेला भिलाई में किया गया। इस दौरान कारगिल में देश के वीर शहीदों का बलिदान याद किया गया और प्रख्यात पंडवानी गायिका स्व. डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रारंभ में मां सरस्वती की पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सरस्वती वंदना गीत गाए गये। शुरुआत में साहित्य सृजन परिषद के अध्यक्ष व कवि एन एल मौर्य प्रीतम ने अपने उद्बोधन में अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
इस दौरान मुख्य अतिथि शिक्षाविद् व साहित्यकार डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि पावस एक विषय नहीं, अपितु प्रत्येक के मनोभाव को प्रदर्शित करने वाला साधन है। अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्कृत आचार्य डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि भारत वर्ष एक कृषि प्रधान एवं ऋषि प्रधान देश है। ऋषि एवं कृषि परस्पर आधारित है। पूरे भारतीय साहित्य और संस्कृति में इसका प्रभाव देखा जा सकता है।
विशिष्ट अतिथि प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य, वरिष्ठ नागरिक महासंघ के अध्यक्ष व समाजसेवी घनश्याम कुमार देवांगन और इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के संचालक व शिक्षाविद काशीनाथ वर्मा ने भी संबोधित किया। आयोजक संस्था की ओर से मंचस्थ अतिथियों एवं उपस्थित रचनाकारों का सम्मान पुष्पगुच्छ, पुष्प माला पहनाकर कर सम्मानित किया गया। गोष्ठी का कुशल संचालन शेरो -शायरी के साथ मधुर वाणी से लोकप्रिय कवयित्री शुचि भवि ने किया।
इस दौरान डॉ. नीलकंठ देवांगन,ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल, राकेश गुप्ता ‘रूसिया’, डॉ. संजय दानी,सुशील यादव, संध्या जैन ‘महक’, सुमित्रा शिशिर, नीलम जायसवाल, सोनिया सोनी, टीएन कुशवाहा ‘अंजन’, एनएल मौर्य ‘प्रीतम’, बैकुंठ महानंद ‘देवभूई’, सुरेश कुमार बंछोर ‘अभ्यार्थी’, चंद्र बर्मन, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, हाजी रियाज खान गौहर, मो हुसैन मजाहिर, नावेद रज़ा दुर्गवी, इस्माईल आजाद, राजकुमार भल्ला ‘आर्य’, जितेंद्र कुमार वर्मा वैद्य, नीरू भल्ला, विनय कुमार ने अपनी रचनाएं सुनाईं। आभार प्रदर्शन ‘साहित्य सृजन परिषद’ के सचिव टीआर कोसरिया ‘अलकरहा’ ने किया।
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