फ्लू डस्ट की आड़ में 4-5 माह से हो रही थी संगठित चोरी, 3.22 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही जब्त; फरार आरोपियों की तलाश जारी
भिलाई, भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी के बहुचर्चित मामले में दुर्ग पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बीएसपी के कर्मचारी बताए गए हैं। नई गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि गिरोह पिछले चार-पांच माह से फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में बीएसपी का लौह स्क्रैप चोरी कर अवैध रूप से बेच रहा था।
पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिलने पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स एवं हथखोज औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट क्रमांक-18 में दबिश दी थी। जांच के दौरान विभिन्न हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बड़ी मात्रा में लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री मिली। परिसर में भी भारी मात्रा में लौह स्क्रैप अलग-अलग ढेरों में रखा हुआ पाया गया।
मौके से करीब 250 टन लौह प्लेट, बीम एवं अन्य स्क्रैप सामग्री जब्त की गई थी। इसके अलावा स्क्रैप परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाईड्रा तथा अन्य मशीनरी भी जब्त की गई थी। पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री और वाहनों की कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि इसमें करीब 90 लाख रुपये मूल्य का लौह स्क्रैप शामिल है।
विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आगे की जांच में बीएसपी के दो कर्मचारियों हिमांशु भूषण मलिक (54) निवासी भिलाई तथा मनोज कुमार देवांगन (58) निवासी रिसाली की संलिप्तता सामने आने पर दोनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिछले चार से पांच माह से सुनियोजित तरीके से फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी का लौह स्क्रैप चोरी कर ए.के. ट्रेडर्स परिसर में एकत्रित करते थे और बाद में उसे बेचकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करते थे।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और प्रकरण में शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध भी साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि चोरी, अवैध कारोबार या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।






