भारतीय ज्ञान परम्परा और मानसिक स्वास्थ्य सहित कई विषयों पर शिक्षकों का प्रशिक्षण 25 से

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दुर्ग और बालोद जिले के लगभग 2 हजार शिक्षकों को ‘डाइट’ देगा विशेष प्रशिक्षण

भिलाई, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) संचालक रायपुर के निर्देशानुसार माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याताओं का प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) दुर्ग के प्राचार्य पी सी मरकले के मार्गदर्शन में 25 मई से 13 जून तक बालोद व दुर्ग जिले में चरणबद्ध एवं विषयवार आयोजित किया जा रहा है। जिसमें लगभग 2 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
इनमें कला संकाय (भूगोल, राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र), वाणिज्य संकाय (लेखा शास्त्र व्यवसायिक प्रबंधन, अर्थ शास्त्र), भाषा समूह के अंतर्गत अंग्रेजी, संस्कृत, हिन्दी और कृषि समूह में कृषि विज्ञान के तत्व, पशु पालन और फसल उत्पादन इत्यादि विषयों का समावेश किया गया है।

प्राचार्य मरकले ने बताया कि इस प्रशिक्षण के अन्तर्गत 10 वीं और 12वी के परीक्षा परिणाम को मद्देनजर रखते हुए ब्लू प्रिंट पर आधारित प्रश्न निर्माण एवं प्रश्नों का विश्लेषण करना एवं अंकों का सम विभाजन,एनईपी/एससीएफ पर विस्तृत चर्चा डाइट के विषय विशेषज्ञों डॉ शिशिरकांत भट्टाचार्य, डॉ हेमंत साहू,डॉ नीलम दुबे, डॉ वन्दना सिंह, संध्या शर्मा असिस्टेंट प्रोफेसर के द्वारा विषयानुसार किया जाएगा। प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण व्याख्याताओं/शिक्षकों के लिए कई मायनों मे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इस प्रशिक्षण में एससीईआरटी एवं डाइट द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स, डीआरजी/बीआरजी द्वारा प्रमुख मुद्दों भारतीय ज्ञान परम्परा, मानसिक स्वास्थ्य, आईसीटी एवं एआई, एनपीएसटी विद्यालयी संस्कृति अधिगम वातावरण का निर्माण एवं हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) इत्यादि विषयों पर प्रशिक्षण देंगे।

यह प्रशिक्षण बालोद जिले में 25 से 30 मई वाणिज्य संकाय का सेजस विद्यालय आमापारा बालोद और दुर्ग जिले में दिनांक 28 मई से 1 जून तक कला संकाय व कामर्स समूह के व्याख्याताओं का प्रशिक्षण कृष्णा पब्लिक स्कूल नेहरू नगर भिलाई में डाइट द्वारा आयोजित किया जाएगा। इसी तरह आगे चरणवार बालोद जिले में 3 जून से 7 जून तक कला संकाय व भाषा समूह और दुर्ग जिले में 9 जून से 13 जून तक भाषा समूह के व्याख्याताओं शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।

पहले चरण में जनगणना कार्य नहीं करने वाले व्याख्याताओं और दूसरे चरण में जनगणना कार्य करने वाले व्याख्याताओं /शिक्षकों का प्रशिक्षण क्रमशः आयोजित किए जाएंगे। जिसमें दुर्ग जिले के कुल 1036 और बालोद जिले से 937 व्याख्याताओं शिक्षकों को प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य के लिए जिला शिक्षा अधिकारी,जिला मिशन समन्वयक, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी विकासखंड स्त्रोत समन्वयक बालोद दुर्ग एवं विषय समन्वयक डाइट सदस्यों का विशेष सहयोग प्राप्त होता है। प्राचार्य ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए निजी संस्थानों का भी सहयोग लिया जाता है।

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