स्थायी नौकरी का झांसा देकर 33.50 लाख की ठगी—तीन आरोपी गिरफ्तार, 32 युवकों से ली गई रकम

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उतई पुलिस की कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार

भिलाई। बेरोजगार युवाओं को भारतीय रेलवे माल गोदाम में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 33 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। उतई थाना पुलिस ने प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कुल 32 युवकों से रकम वसूली थी। पकड़े गए आरोपियों में बिशेश्वर मारकंडे उर्फ बिसेसर मारकंडे उर्फ गुप्ता (58), प्रमोद मारकंडे उर्फ राहुल (23) और हेमंत कुमार साहू (37) शामिल हैं। इनमें से हेमंत साहू सरोना चौक, थाना आमानाका, रायपुर का निवासी है, जबकि दोनों अन्य आरोपी ग्राम चारभाटा ठेकुआ, थाना रानीतराई, जिला दुर्ग के रहने वाले हैं।

प्रार्थिया रीति देशलहरा (55), निवासी वेदांता नगर, ग्राम उमरपोटी ने 18 नवंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि नवरात्रि 2022 के दौरान उनके घर आए बिसेसर मारकंडे ने उनके पति—आरडी देशलहरा—को भरोसा दिलाया कि वह रेलवे माल गोदाम में “लीडर” है और तीन माह के भीतर 2.50 लाख रुपये प्रति व्यक्ति के भुगतान पर स्थायी नौकरी लगवा सकता है। इस भरोसे में आकर 24 दिसंबर 2022 से 24 अप्रैल 2023 के बीच आरोपियों ने 32 युवक-युवतियों से कुल 33.50 लाख रुपये वसूल लिए।
न नौकरी मिली और न ही रकम लौटाई गयी। लगातार मांग करने पर आरोपी टालमटोल करते रहे।

पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो शुरुआती इनकार के बाद साक्ष्य सामने रखने पर उन्होंने ठगी की बात कबूल की। जांच में सामने आया कि बिशेश्वर मारकंडे रसमड़ा रेलवे माल गोदाम में हमाल, जबकि हेमंत साहू माल गोदाम श्रमिक संगठन का सचिव था। दोनों बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर पैसे लेते थे और रकम आपस में बांटते थे।
पुलिस ने प्रकरण में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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