70% पदोन्नति कोटा घटाकर 40% किए जाने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग — स्थानीय अभियंताओं के भविष्य से खिलवाड़ स्वीकार नहीं
रायपुर, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) द्वारा आदेश क्रमांक /01-01/पी डी-तीन /1690/I/535185/2026, रायपुर 22 जुलाई 2026 के माध्यम से कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति हेतु निर्धारित 70 प्रतिशत पदोन्नति कोटा घटाकर 40 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में छत्तीसगढ़ पत्रोपाधि अभियंता संघ ने प्रबंधन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इसी आदेश के विरोध में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज विद्युत विभाग के प्रबंधकों से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई तथा आदेश से कनिष्ठ अभियंताओं के भविष्य एवं पदोन्नति के अवसरों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
इस दौरान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्रीकांत बडगैंया प्रांतीय महासचिव दीपक कुमार निकुंज सहित बड़ी संख्या में कनिष्ठ एवं सहायक अभियंता उपस्थित हुए।
70% से 40% कोटा — वर्षों की सेवा के बाद भी पदोन्नति का इंतजार
संघ ने प्रबंधन के समक्ष कहा कि पदोन्नति कोटा 70% से घटाकर 40% किए जाने का सीधा असर वर्षों से विभाग में सेवा दे रहे कनिष्ठ अभियंताओं के कैरियर एवं पदोन्नति के अवसरों पर पड़ेगा। पदोन्नति के अवसर सीमित होने से अनेक अभियंताओं को अपनी योग्यता एवं वर्षों की सेवा के बावजूद उच्च पद पर पहुंचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।
संघ ने कहा कि यह केवल पदोन्नति का विषय नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय एवं मूल निवासी तकनीकी युवाओं के भविष्य और उनके कैरियर की प्रगति से जुड़ा गंभीर विषय है।
स्थानीय अभियंताओं के साथ अन्याय क्यों?
संघ ने प्रबंधन से सवाल किया कि जिन छत्तीसगढ़ के स्थानीय अभियंताओं ने तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर वर्षों तक विद्युत विभाग में अपनी सेवाएं दी हैं, उनके पदोन्नति के अवसरों को सीमित करने वाला निर्णय क्यों लागू किया जा रहा है?
संघ ने यह भी कहा कि वर्तमान में कार्यरत अधिकांश कनिष्ठ अभियंता पहले से ही सहायक अभियंता के समकक्ष वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में पदोन्नति के माध्यम से उन्हें सहायक अभियंता पद पर अवसर देने से कंपनी पर वेतन संबंधी कोई अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने की स्थिति नहीं बनती। इसके बावजूद पदोन्नति के अवसरों को सीमित करना वर्षों से सेवा दे रहे अभियंताओं के साथ न्यायसंगत नहीं है।
संघ ने मांग की कि 70% पदोन्नति कोटा तत्काल बहाल किया जाए तथा कनिष्ठ अभियंताओं के हित में उक्त आदेश पर पुनर्विचार किया जाए।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन होगा तेज
संघ ने प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उक्त आदेश पर पुनर्विचार कर 70% पदोन्नति कोटा बहाल नहीं किया गया, तो संघ अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन जैसे गेट मीटिंग, धरना, प्रदर्शन एवं हड़ताल जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने से भी संघ पीछे नहीं हटेगा।
संघ ने स्पष्ट कहा कि कनिष्ठ अभियंताओं के अधिकार, सम्मान और वर्षों की सेवा के बाद मिलने वाले पदोन्नति के अवसरों को किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा।

“अब निर्णय प्रबंधन को लेना है”
संघ ने कहा कि अभी भी प्रबंधन के पास संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का अवसर है। यदि प्रबंधन कनिष्ठ अभियंताओं की जायज मांग पर सकारात्मक निर्णय लेता है तो विवाद का समाधान संभव है। अन्यथा संघ अपने सदस्यों के हित में आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होगा।
संघ ने कहा कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय अभियंताओं के भविष्य से जुड़ा यह विषय अब केवल विभागीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे तकनीकी कर्मचारियों के सम्मान, पदोन्नति और कैरियर की सुरक्षा का सवाल बन चुका है।
“70% पदोन्नति कोटा बहाल करो — स्थानीय अभियंताओं के भविष्य के साथ न्याय करो।”
— छत्तीसगढ़ पत्रोपाधि अभियंता संघ
एकता • संघर्ष • अधिकार
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