सुप्रीम कोर्ट की पहल, ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी उपलब्ध रहेंगे मध्यस्थ

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आम जन उठा सकते हैं इस अभियान का लाभ, आवदेन 31 मई तक

दुर्ग, उच्चतम न्यायालय, द्वारा न्याय को जनसामान्य तक सुलभ, सरल एवं सहभागी स्वरूप में पहुँचाने की अभिनव पहल के अंतर्गत “समाधान समारोह, 2026” का आयोजन किया जा रहा है। उक्त अभियान के समापन चरण में 21, 22 एवं 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी।

इस विशेष लोक अदालत का उद्देश्य उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति, संवाद एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है, जिससे पक्षकारों को प्रभावी, मानवीय एवं सहज न्याय उपलब्ध कराया जा सके। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा समाधान समारोह को सफल बनाने आवश्यक तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि के दौरान भी मीडियेटर/मध्यस्थ मध्यस्थता कार्यवाही हेतु उपलब्ध रहेंगे, ताकि पक्षकारों को उनके प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण निराकरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा अधिकाधिक प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा आमजन, अधिवक्तागण, पक्षकारों एवं समस्त हितधारकों से आग्रह किया गया है कि वे इस महत्त्वपूर्ण अभियान का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने लंबित प्रकरणों के समाधान हेतु सक्रिय सहभागिता प्रदान करें। विशेष लोक अदालत में पक्षकार अपनी सुविधा अनुसार प्रत्यक्ष रूप से अथवा वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित होकर विवादों के निराकरण की प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया में इच्छुक पक्षकार एवं अधिवक्तागण निर्धारित गूगल फार्म के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन लिंक उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट www.sci.gov.in पर उपलब्ध है। गूगल फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई रखी गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने प्रकरणों का त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।

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