सूर्या मॉल में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से दिया साइबर ठगी से बचाव का संदेश

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साइबर जागृति अभियान के तहत डीपीएस दुर्ग के विद्यार्थियों ने लॉटरी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट का किया प्रभावी मंचन, सैकड़ों नागरिकों ने ली साइबर सुरक्षा की शपथ

दुर्ग, छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत शुक्रवार को स्मृति नगर चौकी क्षेत्र स्थित सूर्या मॉल में दुर्ग पुलिस एवं डीपीएस दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीपीएस दुर्ग के कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से साइबर ठगी के नए-नए तरीकों का जीवंत चित्रण कर लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने मॉल में मौजूद सैकड़ों नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया और लोगों ने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों को गंभीरता से समझा।

लॉटरी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट का किया मंचन

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने लॉटरी लगने के नाम पर होने वाली ठगी, डिजिटल अरेस्ट तथा अन्य साइबर अपराधों की घटनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए बताया गया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को लालच, डर और दबाव में लेकर उनकी गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं और बैंक खातों से रकम निकाल लेते हैं।

विद्यार्थियों ने नागरिकों को समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करने और अनजान लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की अपील की गई।

ठगी होते ही 1930 पर करें सूचना

कार्यक्रम में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की उपयोगिता पर भी विशेष रूप से जानकारी दी गई। नागरिकों को बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से यह संदेश दिया कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

सैकड़ों नागरिकों ने ली साइबर सुरक्षा की शपथ

सूर्या मॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों एवं विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक रहने की शपथ ली। सभी ने ओटीपी साझा नहीं करने, संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर सूचना देने का संकल्प लिया।

पुलिस और स्कूल स्टाफ की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम के आयोजन एवं सफल संचालन में दुर्ग पुलिस की स्मृति नगर चौकी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी दी।

डीपीएस दुर्ग की निदेशक एवं प्राचार्य  पुनीता नेहरू के मार्गदर्शन में प्रभारी शिक्षिकाओं  सीमा सिंह, अर्चना सिंह रैजादा, आयशा रहमान एवं  शुभगा भट्ट तथा सहयोगी स्टाफ किरण तिवारी,  मृत्युंजय नंदी एवं  पंकज सोनी ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

नुक्कड़ नाटक में विद्यार्थियों आरुष पटेल, झनक चावड़ा, जूही पात्रा, इशिता मित्तल, आद्या तिवारी, सुयश नेने, मान्या जैन, अरल पुरोहित, चिराग गोयल, विवान पटेल एवं आवी अग्रवाल ने सहभागिता की।

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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराएं तो रहें सावधान

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी, जांच एजेंसी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर भय उत्पन्न करे और पैसों की मांग करे तो घबराएं नहीं। किसी भी स्थिति में गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करें और तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

पुलिस ने लॉटरी, इनाम, नौकरी, निवेश अथवा अन्य किसी प्रलोभन के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों से सावधान रहने को कहा। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने की अपील की गई।

दुर्ग पुलिस का संदेश है कि साइबर अपराध से बचाव के लिए स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।

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