दहेज मुक्त विवाह से दिया सामाजिक बदलाव का संदेश

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रिसाली में सादगीपूर्ण रमैनी का आयोजन, बिना दहेज और आडंबर के विवाह बंधन में बंधे रानी यादव और मनोज दास

भिलाई, रिसाली, दहेज प्रथा और विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्च के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रिसाली में दहेज मुक्त रमैनी (विवाह) का आयोजन किया गया। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल  महाराज के सान्निध्य में 9 अगस्त को नामदीक्षा केंद्र, रिसाली में आयोजित इस विवाह में वर-वधू बिना दहेज, बिना आडंबर और बिना फिजूलखर्ची के विवाह बंधन में बंधे।

इस अवसर पर खुर्सीपार, भिलाई निवासी मिट्ठू राम यादव की पुत्री रानी यादव का विवाह बालोद जिले के डौंडी तहसील अंतर्गत वार्ड 19, मोगरा दफाई निवासी देवार सिंह साहू के पुत्र मनोज दास के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह में पारंपरिक रूप से होने वाले अनावश्यक खर्च और दिखावे से दूरी रखते हुए सादगी को प्राथमिकता दी गई।

दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता का संदेश

आयोजकों के अनुसार, संत रामपाल  महाराज के तत्वज्ञान से प्रेरित होकर अनुयायियों की ओर से दहेज रहित और सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य विवाह समारोहों में होने वाले फिजूलखर्च को रोकने के साथ ही दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है।

आयोजकों ने बताया कि दहेज मुक्त विवाह के माध्यम से समाज में सरल और समान विवाह व्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि विवाह को आर्थिक बोझ और दिखावे का माध्यम बनाने के बजाय सादगी के साथ संपन्न किया जाना चाहिए।

दहेज मुक्त भारत का दिया संदेश

कार्यक्रम के माध्यम से दहेज मुक्त भारत के साथ नशा मुक्त भारत, भ्रष्टाचार मुक्त भारत और पाखंड मुक्त समाज के निर्माण का संदेश भी दिया गया। आयोजकों ने मानव कल्याण और मोक्ष मार्ग के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आगे आएं और अपने परिवारों में दहेज रहित एवं सादगीपूर्ण विवाह को अपनाएं। उनका मानना है कि ऐसे प्रयासों से विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।

प्रचार-प्रसार के माध्यमों से जानकारी

आयोजकों के अनुसार, इस तरह के आयोजनों और संत रामपाल जी महाराज के संदेशों से संबंधित अधिक जानकारी Satlok Ashram YouTube Channel तथा प्रतिदिन शाम 7:30 बजे साधना टीवी पर प्रसारित कार्यक्रम के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।

Link : https://shricgnewscreator.com/sent-a-message-of-social-change-through-a-dowry-free-wedding/

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