ऑटो-ई-रिक्शा में सफर से पहले स्कैन करें क्यूआर कोड, सामने होगी चालक की पूरी जानकारी

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16 अगस्त से शुरू होगा पंजीयन, करीब 150 चालकों को दी गई प्रक्रिया की जानकारी

भिलाई, शहर में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए दुर्ग यातायात पुलिस नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है। 16 अगस्त से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का पंजीयन कर वाहनों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। क्यूआर कोड स्कैन करते ही चालक और वाहन से जुड़ी सत्यापन संबंधी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे यात्रियों को वाहन में बैठने से पहले चालक की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

योजना की शुरुआत से पहले 12 अगस्त को पुलिस नियंत्रण कक्ष में करीब 150 ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें एडिशनल एसपी ट्रैफिक कौशलेंद्र देव पटेल और डीएसपी ट्रैफिक विशाल सोन ने क्यूआर कोड पंजीयन और जारी करने की प्रक्रिया का डेमो दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देश पर यात्रियों की सुरक्षित यात्रा और ऑटो-ई-रिक्शा चालकों के सत्यापन के लिए यह पहल की जा रही है। पंजीयन के बाद प्रत्येक वाहन पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इसे स्कैन करने पर चालक और वाहन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ने के साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा संचालन में पारदर्शिता आएगी।

निर्धारित स्थान पर खड़े होंगे ऑटो

बैठक में चालकों को ऑटो संचालन व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए। निर्धारित स्थानों पर वाहन खड़े करने, रोटेशन के आधार पर संचालन और तय किराये का पालन करने कहा गया। चालकों को वाहन के सभी दस्तावेज अपडेट रखने तथा वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन नहीं चलाने की हिदायत दी गई। जिन चालकों के दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें परिवहन विभाग से संपर्क कर सरकारी शुल्क के माध्यम से दस्तावेज पूर्ण कराने की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में मोबाइल से समझाई प्रक्रिया

बैठक में जनहित फाउंडेशन रायपुर के ऋषभ सोनी ने पीपीटी और मोबाइल के माध्यम से क्यूआर कोड पंजीयन की प्रक्रिया समझाई। चालकों को पंजीयन की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से बताने के साथ उसका व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

लूट की घटनाओं के बाद सुरक्षा पर जोर

ऑटो और ई-रिक्शा से यात्रा के दौरान यात्रियों के साथ लूटपाट या जेब से रुपये निकालने जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में नंदिनी रोड पर एक सेवानिवृत्त अधिकारी से ऑटो चालक और उसके साथी द्वारा ढाई हजार रुपये लूटने का मामला भी सामने आया था। ऐसे में क्यूआर कोड व्यवस्था से चालक की पहचान और सत्यापन की जानकारी आसानी से उपलब्ध होने पर यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है। यातायात पुलिस का कहना है कि यह पहल यात्री सुरक्षा के साथ ऑटो-ई-रिक्शा संचालन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में भी मदद करेगी।

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