प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के 10 वर्ष पूर्ण, भिलाई-3 में विशेष शिविर आयोजित

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37 हाई रिस्क गर्भवतियों की जांच, 17 महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी; सुरक्षित मातृत्व और नवजात संरक्षण का दिया संदेश

भिलाई-3, प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम (पीएमएसएमए) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 में विशेष मातृत्व स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं की निशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श, प्रयोगशाला परीक्षण एवं सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही “गौशय्या कार्यक्रम” के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को सुरक्षित मातृत्व संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।

जिला मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. अर्चना चौहान एवं संस्था प्रभारी डॉ. शिखर अग्रवाल ने गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। इस दौरान 37 उच्च जोखिम (हाई रिस्क) गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की गई तथा उन्हें सुरक्षित प्रसव एवं गर्भावस्था प्रबंधन संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। वहीं 17 महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई।

बीईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम वर्ष 2016 में देशभर में प्रारंभ किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना, मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

शिविर के दौरान 37 महिलाओं की निशुल्क लैब जांच की गई, जिसमें एचआईवी, हीमोग्लोबिन, रक्त एवं मूत्र परीक्षण शामिल रहे। जांच रिपोर्ट भी तत्काल उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को संतुलित आहार, पोषण, परिवार नियोजन, आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों के सेवन तथा टेटनस-डिफ्थीरिया (टीडी) टीकाकरण के संबंध में जानकारी दी गई।

सैय्यद असलम ने बताया कि कार्यक्रम के तहत उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान कर महिलाओं को आवश्यकतानुसार निकटतम रेफरल यूनिट की जानकारी दी जाती है। साथ ही गर्भवती महिलाओं की नियमित ट्रैकिंग, व्यक्तिगत निगरानी एवं प्रोत्साहन परिवहन सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।

गौशय्या कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के पतियों को भी शामिल किया गया। उन्हें प्रसव पूर्व तैयारी, रक्तदाता की व्यवस्था, बर्थ प्लान तैयार करने, शासन द्वारा मिलने वाली प्रोत्साहन राशि हेतु बैंक खाते को आधार से लिंक कराने तथा गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक निशुल्क पहुंचाने वाली 102 एम्बुलेंस सेवा की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के समापन पर गर्भवती माताओं के हाथों अस्पताल परिसर में वृक्षारोपण कराया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु एवं माताओं के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का संदेश दिया गया।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कुमार कठौतिया ने कहा कि सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांचें पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने महिलाओं से प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर संपूर्ण जांच कराने और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

वीडियो : नोडल अधिकारी डॉ. अर्चना चौहान

कार्यक्रम में डॉ. अर्चना चौहान, डॉ. शिखर अग्रवाल, डॉ. संध्या चक्रवर्ती, आरएमए प्रज्ञा कुशवाहा, बीईटीओ सैय्यद असलम, एलएचवी आर. विश्वास, लैब टेक्नीशियन आलिया खातून, फार्मासिस्ट तृप्ति चंद्राकर, स्मिता बागड़े, डॉ. अर्पिता शर्मा, योग चिकित्सक डॉ. आकांक्षा मिश्रा, चम्पाकली सोनी, मीरा साहू, सुनीती वर्मा, सरस्वती ठाकुर, गुलशन खलको, रोशन बर्मन, सोनल मेहर, हिमांशु सूर्यवंशी, के. वेंकट राव, पारूल देशमुख, नेतराम साहू, समीर रात्रे एवं जयसिंह कोठारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।

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