प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत भिलाई-3 में गौशय्या काउंसलिंग आयोजित

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गर्भवती महिलाओं और उनके पतियों को सुरक्षित प्रसव, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की दी गई जानकारी

भिलाई-3, छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को आयोजित होने वाले “गौशय्या कार्यक्रम” के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 में विशेष काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं एवं उनके जीवनसाथियों को सुरक्षित मातृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

आधार, मोबाइल और बैंक खाते की लिंकिंग पर दिया गया जोर

कार्यक्रम में बीईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाता आपस में लिंक होना आवश्यक है। इससे स्वास्थ्य केंद्र विजिट के दौरान मिलने वाली 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना की सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में पहुंच सकेगी।

हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर की जानकारी

काउंसलिंग के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल एवं जिला अस्पताल जैसे हायर सेंटर की मैपिंग और वहां तक पहुंचने की जानकारी दी गई। महिलाओं और उनके परिजनों को पहले से बर्थ प्लान तैयार रखने की सलाह दी गई ताकि प्रसव के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

प्रसव के दौरान रक्तदान व्यवस्था रखने की अपील

बीईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और उनके पतियों को प्रसव के समय संभावित जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से ब्लड डोनर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही हाई रिस्क गर्भावस्था के कारणों को समझने और समय पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई।

102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं की दी जानकारी

कार्यक्रम में उपस्थित हितग्राहियों को बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्र की स्वास्थ्य कर्मी, मितानिन, 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं से तत्काल संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा मैपिंग क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों के मेडिकल ऑफिसर एवं सेक्टर सुपरवाइजर से संपर्क कर सूचना देने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

पौष्टिक आहार और सावधानियों के प्रति किया जागरूक

काउंसलिंग के दौरान गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड और कैल्शियम टैबलेट नियमित रूप से सेवन करने की सलाह दी गई। प्राकृतिक पोषण के लिए पालक, मूंग, हरी साग-सब्जियां और गुड़ का सेवन करने के महत्व को भी समझाया गया। इसके साथ ही ढीले कपड़े पहनने और हील वाली चप्पलों के उपयोग से बचने की सलाह देकर सुरक्षित गर्भावस्था के प्रति जागरूक किया गया।

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