लाइट मरम्मत में लापरवाही से शहर अंधेरे में, 809 लाइटों का हिसाब नहीं; कमिश्नर से शिकायत, नहीं हटाने पर धरना की चेतावनी
भिलाई, नगर निगम भिलाई-चरोदा के बिजली अधिकारी संतोष सोनी के खिलाफ पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। अधिकारियों पर मनमानी और कार्य में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए पार्षदों ने कमिश्नर से शिकायत कर उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है।
पार्षदों का कहना है कि शहर में लंबे समय से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था चरमराई हुई है। कई वार्डों में लाइटें खराब पड़ी हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं हो रही, जिससे पूरा नगर अंधेरे में डूबा हुआ है। दिवाली से अब तक 809 लाइटों की मरम्मत का दावा किया गया है, लेकिन इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। ठेकेदार का भुगतान भी लंबित बताया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जब भी लाइट सुधार की शिकायत की जाती है, तो अधिकारी द्वारा लाइट उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है। इससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षदों ने एकजुट होकर कमिश्नर से मुलाकात की और संतोष सोनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उन्हें पद से नहीं हटाया गया, तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
पार्षदों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी संतोष सोनी की कई बार शिकायत की जा चुकी है। सामान्य सभा में उन्हें हटाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था, लेकिन उच्चाधिकारियों के संरक्षण के कारण अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अधिकारी न तो जनप्रतिनिधियों के फोन उठाते हैं और न ही उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं, जिससे पार्षदों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इसी दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में पानी की समस्या को भी उठाया और कमिश्नर से जल्द समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।


