गनियारी में  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान—राज्योत्सव में हर वर्ष दिया जाएगा ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’, गनियारी स्कूल का होगा नामकरण; देशभर से पहुंचे कलाकारों ने किया अंतिम नमन

भिलाई, गनियारी, पंडवानी की विश्वविख्यात गायिका, पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृति में मंगलवार को उनके पैतृक गांव गनियारी में आयोजित दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा भावनाओं से सराबोर रही। श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि, देशभर से पहुंचे लोक कलाकार और हजारों नागरिकों ने उपस्थित होकर लोककला की इस महान साधिका को अंतिम नमन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने डॉ. तीजन बाई के पुत्र दिलहरण पारधी सहित परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया।

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दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान—राज्योत्सव में हर वर्ष दिया जाएगा ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’, गनियारी स्कूल का होगा नामकरण; देशभर से पहुंचे कलाकारों ने किया अंतिम नमनभिलाई, गनियारी, पंडवानी की विश्वविख्यात गायिका, पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृति में मंगलवार को उनके पैतृक गांव गनियारी में आयोजित दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा भावनाओं से सराबोर रही। श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि, देशभर से पहुंचे लोक कलाकार और हजारों नागरिकों ने उपस्थित होकर लोककला की इस महान साधिका को अंतिम नमन किया।मुख्यमंत्री ने किए तीन बड़े ऐलानपूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी दी श्रद्धांजलिदेशभर से पहुंचे लोक कलाकार, भावुक रहा माहौलकई जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन रहे उपस्थित

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, कठिन साधना और पंडवानी की कापालिक शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई। उनका संपूर्ण जीवन लोककला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उनकी सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने किए तीन बड़े ऐलान

श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. तीजन बाई की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोककला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा।

इसके साथ ही ग्राम गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के नाम पर करने की घोषणा भी की गई, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थी उनके संघर्ष, साधना और उपलब्धियों से प्रेरणा ले सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. तीजन बाई की आजीवन कला-साधना का प्रतीक रहा उनका तंबूरा रायपुर स्थित संग्रहालय में पूरे सम्मान के साथ संरक्षित किया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां उनकी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सकें।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी दी श्रद्धांजलि

दशगात्र कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे। उन्होंने डॉ. तीजन बाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाकर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया। उनके निधन से लोककला जगत की अपूरणीय क्षति हुई है।

देशभर से पहुंचे लोक कलाकार, भावुक रहा माहौल

श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोक कलाकार पहुंचे। सभी ने डॉ. तीजन बाई को लोककला की ऐसी महान विभूति बताया, जिन्होंने अपनी कला के बल पर भारतीय लोक परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाई। सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और नम आंखों से उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।

कई जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन रहे उपस्थित

श्रद्धांजलि सभा को सांसद विजय बघेल, पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल तथा विधायक एवं पद्मश्री अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया। सभी ने डॉ. तीजन बाई के व्यक्तित्व, कृतित्व और लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर पद्मश्री आर.एस. बारले, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना, भिलाई चरौदा महापौर निर्मल कोसरे, संभाग आयुक्त एस एन राठौर, आई जी अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, आयुक्त डी एस राजपूत, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, विभिन्न अंचलों से पहुंचे कलाकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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