आदर्श सरस्वती शिशु मंदिर में सजा काव्य का रंगमंच, कवि सम्मेलन और पत्रिका विमोचन ने बांधा समां

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विनय सागर जायसवाल के नेतृत्व में साहित्यिक आयोजन बना यादगार

भिलाई, बीसलपुर (पीलीभीत), के टी साहित्यिक विकास समिति के तत्वावधान में आदर्श सरस्वती शिशु मंदिर में भव्य कवि सम्मेलन एवं पत्रिका विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बरेली के सुप्रसिद्ध शायर विनय सागर जायसवाल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बिलसंडा के प्रतिष्ठित छंदकार कृष्ण कुमार चंचल उपस्थित रहे। साहित्यिक वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर तक बांधे रखा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वरिष्ठ गीतकार दिनेश समाधिया ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर आयोजन को आध्यात्मिक और साहित्यिक गरिमा प्रदान की। मंच संचालन की जिम्मेदारी मशहूर संचालक एवं शायर राज शुक्ल ‘ग़ज़लराज’ ने प्रभावी ढंग से निभाई।

कवि सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। अध्यक्षता कर रहे शायर विनय सागर जायसवाल ने अपनी ग़ज़लों से खूब वाहवाही बटोरी। गीतकार मनोज सक्सेना ने गीतों के माध्यम से सामाजिक संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया। मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार चंचल ने छंदों की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके अलावा प्रशांत मिश्रा शांडिल्य, थम्मन लाल वर्मा, दिनेश समाधिया, आचार्य दिनेश पाल, श्रीकृष्ण वर्मा, आलोक शुक्ला, राकेश रतन, सोमेत्र मिश्रा तथा विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि शरण चौहान सहित अन्य रचनाकारों ने भी अपनी कविताओं के माध्यम से देशभक्ति, श्रृंगार, हास्य, वीर और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विविध रसों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। कवियों की रचनाओं पर सभागार में उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने जमकर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

समारोह के दौरान संस्था के अध्यक्ष एवं पत्रिका संपादक थम्मन लाल वर्मा ने बरेली से पहली बार बीसलपुर पहुंचे गीतकार मनोज कुमार सक्सेना का सम्मान कर उनका अभिनंदन किया। साथ ही साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की गई।

कार्यक्रम के अंत में दिनेश समाधिया ने सभी अतिथियों, कवियों, साहित्य प्रेमियों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन साहित्यिक चेतना को मजबूत करने के साथ ही नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

कवि सम्मेलन एवं पत्रिका विमोचन समारोह का आयोजन साहित्य प्रेमियों के लिए यादगार साबित हुआ और देर तक साहित्यिक चर्चाओं का दौर चलता रहा।

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