02 अक्टूबर तक चलेगा सात सप्ताह का अभियान, स्कूल-कॉलेज से लेकर बैंक, ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
दुर्ग, साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस ने आम लोगों को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। ‘साइबर जागृति अभियान’ 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के साथ सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है।
अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसकी मुख्य थीम ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ रखी गई है। इसके तहत नागरिक छत्तीसगढ़ पुलिस अथवा जिला पुलिस द्वारा जारी लिंक पर क्लिक कर या क्यूआर कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर लेंगे और उसे सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। इसके माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सात सप्ताह में अलग-अलग विषयों पर जागरूकता
साइबर जागृति अभियान को सात सप्ताह में विभाजित किया गया है। पहले सप्ताह में स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और बुनियादी साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। दूसरे सप्ताह में बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों में वित्तीय धोखाधड़ी और यूपीआई सुरक्षा के संबंध में लोगों को जानकारी दी जाएगी।
तीसरे सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों के बीच डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव को लेकर टाउन हॉल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चौथे सप्ताह में महिला कॉलेजों एवं सामुदायिक समूहों के बीच स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर अभियान चलाया जाएगा।
पांचवें सप्ताह में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचने के उपाय बताए जाएंगे। इसके लिए रोजगार कार्यालयों, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम होंगे। छठवें सप्ताह में डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
सातवें और अंतिम सप्ताह में गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ संकल्प अभियान आयोजित किया जाएगा।
सोशल मीडिया को बनाया जाएगा जागरूकता का माध्यम
अभियान के दौरान सोशल मीडिया को व्यापक जनभागीदारी का प्रमुख माध्यम बनाया गया है। जिला पुलिस सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्क और बाजारों में पोस्टर-बैनर के जरिए क्यूआर कोड का प्रचार करेगी। इसके अलावा पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल और वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी जागरूकता लिंक साझा किए जाएंगे।
पुलिस का प्रयास है कि नागरिक सेल्फी फ्रेम के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स, मित्रों और परिचितों तक पहुंचाएं। इससे अभियान का संदेश तेजी से अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।
सामाजिक संगठनों और इंफ्लुएंसर्स से सहयोग की अपील
जिला पुलिस की ओर से सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, गणमान्य नागरिकों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स और कलाकारों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि वे लिंक क्लिक अथवा क्यूआर कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी लें और सोशल मीडिया पर साझा करें।
02 अक्टूबर को होगा अभियान का समापन
‘साइबर जागृति अभियान’ का समापन 02 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर होगा। दुर्ग पुलिस ने जिलेवासियों से साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की है।
पुलिस का संदेश है कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों नागरिक एकजुट हुए थे, उसी तरह साइबर अपराध के खिलाफ भी सामूहिक जागरूकता जरूरी है। नागरिकों की भागीदारी से साइबर अपराध के प्रति सतर्कता बढ़ाने और छत्तीसगढ़ को साइबर सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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