कुचिपुड़ी से मोहिनी अट्टम तक, ‘देश राग’ में बिखरे भारतीय संस्कृति के रंग

Editor
By Editor 4 Min Read

भिलाई में देशभर के कलाकारों का संगम, 1300 प्रतिभागियों ने कराया पंजीयन; एक नवंबर को श्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों को मिलेगा जयपद्मा अवार्ड

भिलाई, कला, संस्कृति और प्रतिभा के अनूठे संगम ‘देश राग’ में भिलाई इन दिनों देशभर के कलाकारों की मेजबानी कर रहा है। नृत्यधाम कला समिति की ओर से आयोजित 21वें ऑल इंडिया फेस्टिवल एंड कॉम्पिटिशन ऑफ आर्ट एंड कल्चर में शास्त्रीय नृत्य, संगीत, वादन और चित्रकला की विविध विधाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा देखने को मिल रही है। 24 अक्टूबर से शुरू हुआ यह नौ दिवसीय आयोजन एक नवंबर तक चलेगा। आयोजकों के अनुसार, अब तक करीब 1300 प्रतिभागियों ने इसमें पंजीयन कराया है।

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बच्चों और युवा कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, कथक और मोहिनी अट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्य रूपों की प्रस्तुतियों ने मंच पर भारतीय संस्कृति के विविध रंग बिखेरे। कलाकारों की भावपूर्ण मुद्राओं, लयबद्ध पद संचालन और आकर्षक अभिव्यक्ति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता था।

देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे कलाकार

‘देश राग’ में छत्तीसगढ़ के अलावा कोलकाता, यवतमाल, ओडिशा और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से कलाकार एवं प्रतिभागी शामिल होने पहुंचे हैं। इस आयोजन के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों की कला और सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे आयोजन में बच्चों से लेकर अन्य आयु वर्ग के कलाकारों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।

प्रतिभाओं को मिल रहा राष्ट्रीय मंच

आयोजन में नृत्य, संगीत, वाद्य और चित्रकला की विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, कला को और निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करना है। मंच पर प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकार अपनी साधना, अनुशासन और रचनात्मकता का परिचय दे रहे हैं।

शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों में कलाकारों ने भाव, ताल और मुद्राओं के सुंदर समन्वय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे। उन्होंने तालियां बजाकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन के दौरान मंच पर कलाकारों की प्रतिभा के साथ भारतीय कला एवं संस्कृति की विविधता भी देखने को मिल रही है।

अंतिम दिन मिलेगा जयपद्मा अवार्ड

नौ दिवसीय ‘देश राग’ का समापन एक नवंबर को होगा। आयोजन के अंतिम दिवस श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 10 प्रतिभागियों को जयपद्मा अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान कलाकारों की प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की भागीदारी से भिलाई का यह आयोजन कला और संस्कृति के राष्ट्रीय संगम के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

Link : https://shricgnewscreator.com/from-kuchipudi-to-mohiniyattam-the-hues-of-indian-culture-unfold-in-desh-raag/

Share This Article