कमीशन के लालच में बैंक खाते देने वाले सात आरोपित गिरफ्तार, साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में हो रहा था इस्तेमाल

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सुपेला और खुर्सीपार पुलिस व एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई; पांच से 15 हजार रुपये तक के कमीशन का लालच देकर लिए जाते थे खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड जब्त

दुर्ग, साइबर ठगी के मामलों में दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रकम के लेन-देन और हस्तांतरण के मामले में दुर्ग पुलिस ने सात खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की है। थाना सुपेला, थाना खुर्सीपार और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) की संयुक्त कार्रवाई में सामने आया कि संबंधित खाताधारक पांच हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और सिम कार्ड अन्य लोगों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस की जांच में इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम के लेन-देन किए जाने तथा लाखों रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराधों में म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्य और विवेचना के आधार पर संबंधित खाताधारकों की पहचान की। कार्रवाई के दौरान बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

दो बैंक खातों के मामलों में सुपेला और पांच में खुर्सीपार क्षेत्र से कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, थाना सुपेला क्षेत्र में फेडरल बैंक और उत्कर्ष बैंक से संबंधित दो खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वहीं, थाना खुर्सीपार क्षेत्र में इंडियन बैंक से संबंधित पांच खाताधारकों पर कार्रवाई हुई। इस तरह कुल सात खाताधारक पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आए हैं।

इन मामलों में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1321/2026 और 1324/2026 तथा थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 272/2026 दर्ज हैं। प्रकरणों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) के तहत कार्रवाई की गई है।

कमीशन के बदले उपलब्ध कराते थे बैंक खाते

जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, संबंधित खाताधारक कथित तौर पर आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खातों का उपयोग दूसरे लोगों को करने देते थे। इसके लिए वे पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और बैंक खाते से संबंधित सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने और फिर अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था।

ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। साइबर अपराधी इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम को कई स्तरों पर स्थानांतरित कर उसकी वास्तविक पहचान और लेन-देन की कड़ी छिपाने का प्रयास करते हैं। पुलिस संबंधित खातों में हुए लेन-देन और खाताधारकों की भूमिका की जांच कर रही है।

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सुपेला क्षेत्र से दो खाताधारकों पर कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, थाना सुपेला क्षेत्र के मामलों में कार्रवाई के दायरे में आए खाताधारकों के नाम इस प्रकार हैं—

  1. शुभम चौधरी (22), निवासी सुभाष नगर, नंदिनी रोड, छावनी, थाना छावनी, जिला दुर्ग।
  2. गुरमीत कौर, निवासी कृपाल नगर, कोहका, थाना सुपेला, जिला दुर्ग। उपलब्ध जानकारी में उम्र का उल्लेख नहीं है।

खुर्सीपार क्षेत्र से पांच खाताधारक कार्रवाई के दायरे में

थाना खुर्सीपार क्षेत्र के मामले में पुलिस ने निम्नलिखित खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की है—

  1. तरुण नायक (40), निवासी क्वार्टर नंबर 4-ए, सड़क नंबर 8, जोन-1, खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
  2. निखिल नेताम (22), निवासी एसटीएफ कॉलोनी, बघेरा, थाना दुर्ग, जिला दुर्ग।
  3. यसमीत सिंह (22), निवासी शिवाजी नगर, खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
  4. गौरव साहू (23), निवासी शंकर नगर, सद्भावना चौक, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग।
  5. नरगिस, निवासी मछली मार्केट, जोन-2, खुर्सीपार, जिला दुर्ग। उपलब्ध जानकारी में उम्र और थाना संबंधी विवरण की पुष्टि अपेक्षित है।

बैंक दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त

संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सामग्रियों के आधार पर बैंक खातों के इस्तेमाल, संदिग्ध लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस की अपील—किसी को न दें बैंक खाते और एटीएम कार्ड

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या किसी अन्य आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। ऐसे खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में होने पर खाताधारक भी पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को अपने बैंक खाते या वित्तीय दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका है, तो वह तत्काल संबंधित बैंक और नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दे सकता है। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है।

पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की है।

Link : https://shricgnewscreator.com/seven-accused-arrested-for-providing-bank-accounts-in-exchange-for-a-commission-the-accounts-were-being-used-for-transactions-involving-proceeds-from-cyber-fraud/

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