सात तारीख की समय-सीमा बेअसर, भिलाई-चरौदा निगम में अब तक नहीं मिला अगस्त का वेतन

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भिलाई-चरौदा निगम में वेतन भुगतान की व्यवस्था पर सवाल, महासंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

भिलाई, नियमित-प्लेसमेंट कर्मचारियों का सितंबर का भुगतान अटका, जीपीएफ और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयक भी लंबित; महासंघ ने सचिव से लगाई गुहार, एक सप्ताह बाद मंत्री को ज्ञापन और फिर आंदोलन की चेतावनी।

भिलाई-3, नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा में कर्मचारियों के वेतन भुगतान की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अगस्त का वेतन, जो सितंबर में मिलना था, अब तक नियमित एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों के खातों में नहीं पहुंचा है। वहीं सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) सहित सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कई प्रकार के भुगतान भी महीनों से लंबित बताए जा रहे हैं। कर्मचारी महासंघ का आरोप है कि शासन की तय समय-सीमा के बावजूद पिछले सात-आठ वर्षों से वेतन भुगतान का यही ढर्रा बना हुआ है।

स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ ने इस मामले में अब निगम स्तर की गुहार के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को ज्ञापन भेजा है। संघ ने शासन के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि कर्मचारियों को प्रत्येक माह सात तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना निर्धारित है, लेकिन निगम में अपवाद और त्योहारों को छोड़ दें तो निर्धारित समय पर वेतन भुगतान नहीं हुआ। संघ के अनुसार पिछले तीन माह से वेतन माह के अंतिम सप्ताह में बड़ी मुश्किल से जारी हो रहा है। सहायक ग्रेड-2 और उससे ऊपर के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन तीन माह से लंबित होने का दावा भी किया गया है।

महासंघ ने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों के परिवार का भरण-पोषण वेतन पर निर्भर है। समय पर वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट खड़ा होता है और कर्मचारियों को बैंक अथवा स्थानीय स्तर पर कर्ज लेकर जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं। संघ ने इस स्थिति को कर्मचारियों के लिए गंभीर आर्थिक परेशानी बताते हुए निगम प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।
जीपीएफ जमा हुआ, फिर भुगतान अटकने का आरोप
महासंघ के अनुसार कर्मचारियों का कई वर्षों से लंबित जीपीएफ अप्रैल 2026 की स्थिति में संघ के प्रयासों के बाद खातों में जमा कराया गया था। इसके बाद फिर भुगतान लंबित होने लगा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का भुगतान भी कराया गया था, लेकिन हाल में उनके कई भुगतान दोबारा अटकने का दावा संघ ने किया है।

महासंघ के अध्यक्ष रामअवतार साहू ने कहा कि लगातार देरी से कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को तत्कालीन व्यवस्था के बजाय निगम के दीर्घकालिक आय स्रोत बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। संघ ने तय किया है कि पहले निवेदन और आवेदन के बाद अब चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल विभागीय सचिव से गुहार लगाई गई है। ज्ञापन की प्रतियां संचालक, कलेक्टर दुर्ग, महापौर, सभापति और आयुक्त को भेजी गई हैं। एक सप्ताह बाद नगरीय प्रशासन मंत्री को ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है।

संघ पदाधिकारी: अध्यक्ष रामअवतार साहू, कार्यवाहक अध्यक्ष राम कुर्रे, महामंत्री अविनाश चंद्राकर, संगठन मंत्री विकास त्रिपाठी, उपाध्यक्ष सरोजनी यदु, अरुणिमा दुबे, टी. कामेश्वरी, अभिलाषा श्रीवास्तव, मुकेश यादव तथा वरिष्ठ कर्मचारी नेता लिंगेश्वर राव ने संयुक्त रूप से वेतन और अन्य भुगतान में देरी के लिए स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस संस्करण में “सात तारीख की समय-सीमा बेअसर” को मुख्य समाचार बिंदु बनाया गया है, जिससे खबर का पहला ही वाक्य प्रशासनिक विफलता के आरोप और मौजूदा वेतन संकट दोनों को सामने लाता है।

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