पुलिस ने आठ वाहन और एक वॉशिंग मशीन समेत करीब 10 लाख रुपये का मसरूका किया बरामद
डाउन पेमेंट और ईएमआई भरने का दिया जाता था भरोसा, फाइनेंस के बाद वाहन व सामग्री बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे
भिलाई। जरूरतमंद लोगों को आर्थिक मदद और लाभ का झांसा देकर उनके नाम पर वाहन व अन्य सामग्री फाइनेंस कराने के बाद उसे कम कीमत पर बेचकर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपितों को स्मृतिनगर चौकी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे और निशानदेही पर पुलिस ने आठ वाहन और एक वॉशिंग मशीन समेत करीब 10 लाख रुपये कीमत का मसरूका बरामद किया है। मामले में पुलिस अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, भिलाई नगर निवासी मनीष डहेरवाल (32) ने 21 सितंबर को स्मृतिनगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपितों ने छल-कपट कर प्रार्थी और उसके परिचितों के नाम पर वाहन व अन्य सामग्री फाइनेंस कराई, जिससे उन्हें आर्थिक एवं संपत्ति संबंधी नुकसान हुआ।
जांच में धोखाधड़ी के तथ्य सामने आने के बाद स्मृतिनगर चौकी, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1408/2026 के तहत धारा 318(4), 3(5) बीएनएस में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपितों की पतासाजी शुरू की और पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर फाइनेंस कराए गए वाहनों एवं अन्य सामग्री की बरामदगी की।
ऐसे करते थे धोखाधड़ी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित जरूरतमंद लोगों को आर्थिक लाभ दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद उनके नाम पर वाहन अथवा अन्य सामान फाइनेंस कराया जाता था। फाइनेंस के समय डाउन पेमेंट स्वयं करने और आगे की ईएमआई भी भरने का भरोसा दिया जाता था। पीड़ितों का विश्वास हासिल करने के बाद फाइनेंस कराए गए वाहन और अन्य सामग्री को कम कीमत पर दूसरे लोगों को बेच दिया जाता था। इससे प्राप्त रकम आरोपित आपस में बांट लेते थे।
दो आरोपित गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में जसमीत सिंह उर्फ प्रिंस (28), निवासी कैलाश नगर, जामुल और भोजराज राय उर्फ भोजू (26), निवासी कोहका को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
नौ नग मसरूका बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आठ वाहन और एक वॉशिंग मशीन बरामद की है। बरामद कुल नौ नग मसरूका की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस शेष मसरूका की पतासाजी और बरामदगी में जुटी है।
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से वाहन, इलेक्ट्रानिक सामग्री या अन्य वस्तु फाइनेंस कराने से पहले भुगतान और जिम्मेदारी से जुड़ी पूरी जानकारी जरूर लें। अपने दस्तावेज और वित्तीय जानकारी किसी के कहने पर साझा न करें तथा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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