बाइपास डी-मार्ट के सामने ई-सिटी बस डिपो तैयार, रेलवे से मिली एनओसी; जल्द बिछेगी एचटी लाइन
भिलाई, दुर्ग-भिलाई में बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। बाइपास स्थित डी-मार्ट के सामने तैयार किए जा रहे ई-सिटी बस डिपो का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। डिपो में बिजली पहुंचाने के लिए एचटी लाइन बिछाने का काम रेलवे की एनओसी के अभाव में अटका हुआ था। अब रेलवे ने ट्रैक के नीचे से बिजली लाइन बिछाने के लिए सहमति दे दी है। इसके साथ ही बिजली कंपनी जल्द ही लाइन बिछाने का काम शुरू करेगी।
रूआबांधा से डिपो तक करीब 3000 किलोवाट क्षमता की एचटी लाइन बिछाई जानी है। लाइन के रास्ते में नेहरू नगर बटालियन के पास रेलवे ट्रैक पड़ रहा है। इसे पार करने के लिए बिजली कंपनी ने रेलवे से अनुमति मांगी थी। कंपनी ने अप्रैल में रेलवे को पत्र भेजकर एनओसी मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। अब रेलवे की सहमति मिलने के बाद ट्रैक के नीचे से लाइन बिछाने का रास्ता खुल गया है।
9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा डिपो
ई-सिटी बसों के संचालन के लिए तैयार किए जा रहे डिपो में करीब 9 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें बस डिपो के साथ सब स्टेशन, चार्जिंग व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। डिपो का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बिजली कंपनी ने सब स्टेशन तैयार करने की दिशा में भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। अब मुख्य रूप से एचटी लाइन बिछाने का काम बाकी है।
एक साथ चार्ज होंगी इलेक्ट्रिक बसें
डिपो में इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए कई चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। इसके लिए पर्याप्त क्षमता की बिजली आपूर्ति जरूरी है। एचटी लाइन के डिपो तक पहुंचने के बाद बिजली कंपनी चार्जिंग प्वाइंट सहित बिजली से जुड़े शेष कार्यों को पूरा करेगी। इसके बाद डिपो को बसों के संचालन के लिए तैयार माना जाएगा।
दुर्ग जिले को मिलेंगी 50 इलेक्ट्रिक सिटी बसें
शासन की योजना के तहत दुर्ग जिले को 50 नई इलेक्ट्रिक सिटी बसें मिलने वाली हैं। इनके संचालन और प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन ने सोसायटी का गठन किया है। भिलाई निगम को इसका नोडल बनाया गया है। इसी व्यवस्था के तहत निगम द्वारा डी-मार्ट के सामने ई-सिटी बस डिपो विकसित किया जा रहा है।
डिपो पूरा होते ही शासन को भेजी जाएगी सूचना
बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद डिपो में चार्जिंग प्वाइंट और अन्य बचे हुए कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके बाद भिलाई निगम और संबंधित विभागों की ओर से शासन को डिपो तैयार होने की सूचना भेजी जाएगी। शासन की टीम डिपो का निरीक्षण करेगी। व्यवस्था और सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप मिलने के बाद इलेक्ट्रिक बसों को दुर्ग जिले में भेजने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
दिल्ली की टीम भी कर चुकी है निरीक्षण
ई-सिटी बसों के संचालन की तैयारियों को देखने के लिए कुछ दिन पहले दिल्ली से आई टीम ने भी डिपो और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में दुर्ग जिले में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बिजली लाइन का काम शुरू होने के बाद डिपो का शेष कार्य भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है। इससे दुर्ग-भिलाई शहर में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शुरू होने का रास्ता और आसान हो जाएगा।
इनसे शहर को मिलेगा फायदा
इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन से दुर्ग-भिलाई के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को अपेक्षाकृत सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही डीजल से चलने वाली बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण और संचालन लागत को कम करने में भी मदद मिलेगी। 50 बसों के संचालन से शहर के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना को गति मिल सकती है।
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