भिलाई, अंचल की साहित्यसेवी संस्था आईना ए अदब (उर्दू-हिन्दी संगम) की ओर से बुजुर्ग साहित्यकारों के सम्मान की परंपरा शुरु की गई है। इसकी शुरुआत छत्तीसगढ़ के बुजुर्ग शायर गौहर जमाली से की गई। आईना ए अदब ( उर्दू-हिन्दी संगम) एवं आरंभ साहित्यिक संस्था भिलाई के पदाधिकारियों ने अशोक नगर रायपुर स्थित निवास पहुंच कर मशहूर उस्ताद शायर मोहम्मद सज्जाद अली गौहर जमाली का सम्मान किया। पदाधिकारियों ने उनका हालचाल पूछा और फिर शेरो-शायरी का दौर चला। बुजुर्ग शायर जमाली ने सभी मेहमानों का इस सम्मान के लिए शुक्रिया अदा किया।
इस मौके पर शौकत इक़बाल, हाजी रियाज़ खान गौहर, डा. नौशाद अहमद सिद्दीकी और मोहम्मद अबू तारिक मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि गौहर जमाली ने साल 1963 से शायरी की शुरुआत की थी। उन्होंने देश के कई अहम मुशायरों में अपने कलाम पढ़े हैं और साहित्य के विभिन्न मंचों पर लगातार सक्रिय है। छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें हाजी हसन अली राज्य अलकंरण से सम्मानित किया है।
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