पर्यावरण के प्रति दुनिया को जागरूक रही भिलाई की बेटी सुस्मिता की बंदिशें

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संयुक्त राष्ट्र के आयोजन में ‘बिम्सटेक’ की तरफ से हुई प्रस्तुति, अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को संबोधित भी किया

भिलाई, इस्पात नगरी भिलाई में पली बढ़ी और वर्तमान में कलकत्ता विश्वविद्यालय में प्राध्यापक प्रो. सुस्मिता बसु मजुमदार की शास्त्रीय संगीत पर आधारित बंदिशों और उनसी जुड़े तथ्यों को पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किया गया। यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर प्रोजेक्ट सर्विसेज़ (यूएनओपीएस) की ओर से ढाका (बांग्लादेश) में पर्यावरण पर आधारित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में डॉ. सुस्मिता ने पर्यावरण की बढ़ती चुनौतियों के साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत की धरोहर को जोड़ते हुए अपने विचार भी रखे। जिसे अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने बेहद सराहा।

एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर अवसर दिए जाने को प्रो. सुस्मिता उल्लेखनीय उपलब्धि मानती हैं। वर्तमान में कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति विभाग में प्राध्यापक प्रो. सुस्मिता ने बताया कि उन्होंने अपनी किताब “पंचशती नव बंदिश संगम” में 50 नई बंदिशें लिखी हैं। इनमें से एक शैली “हरित” है। जिसका शाब्दिक अर्थ ‘हरा’ है। यह मूल रूप से पर्यावरण के प्रति जागरूकता पर केंद्रित है। इन बंदिशों में ग्लोबल वार्मिंग और पेड़ बचाने जैसे हालिया मुद्दों को शामिल किया गया है।
प्रो. सुस्मिता ने बताया कि उनकी इन बंदिशों और उनसे जुड़े तथ्यों को यूएनओपीएस के आयोजन में ‘बिम्सटेक’ ने पर्यावरण पर आधारित आयोजन के लिए चुना। यहां उनकी बंदिशें प्रमुख देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल के तौर पर पेश की गई।

प्रो. सुस्मिता ने बताया कि हमारी धरोहर शास्त्रीय संगीत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ इन बंदिशों के माध्यम से ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, जल संरक्षण और वन संरक्षण सहित पर्यावरण से जुड़ी तमाम चुनौतियों का उल्लेख किया गया है। प्रो. सुस्मिता ने बताया कि इन बंदिशों के माध्यम  से उन्होंने एक ऐसी प्रस्तुति तैयार की है,  जिसकी सतत प्रासंगिकता हो और भविष्य में भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता में काम आए। इसलिए इसे बिम्सटेक प्रतिनिधियों ने बेहद पसंद किया और यूएनओपी के आयोजन में प्रस्तुत किया। यहां गौरतलब है कि प्रो. सुस्मिता बसु मजूमदार की स्कूली शिक्षा बीएसपी के सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर-10 से हुई है। उन्होंने वर्ष 2018 में अपने शहर भिलाई को एक आदरांजली प्रस्तुत करते हुए ‘भिलाई एंथम’ का यादगार आयोजन भी किया था।
 बिम्सटेक की ओर से दी गई प्रस्तुति में परियोजना निर्देशन, संकल्पना व कथन प्रो. सुस्मिता बसु मजूमदार, संगीत पक्ष में स्वर अनोल चटर्जी,मनाली बोस ,सृजनी बनर्जी, ताल वाद्य संगत प्रणॉय चटर्जी और सोमनाथ बनर्जी, सरोद पर संगत अर्का रॉय और शौनक रॉय, पंचशती नव बंदिश संगम में प्रकाशित बंदिशों के बोल प्रो सुस्मिता बसु मजूमदार के थे वहीं रागमाला पेंटिंग मृणाल कांति मजूमदार की थी।

उल्लेखनीय है कि यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर प्रोजेक्ट सर्विसेज (यूएनओपीएस) संयुक्त राष्ट्र संघ की एक ऑपरेशनल शाखा है, जिसका मुख्यालय कोपेनहेगन, डेनमार्क में है। यह 130 से ज्यादा देशों में मानवीय और शांति-निर्माण कार्यों के लिए टिकाऊ बुनियादी ढांचा बनाने, प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने और खरीद-फरोख्त का काम संभालने में मदद करता है। वहीं ‘बिम्सटेक’मूल रूप से बंगाल की खाड़ी के समीपवर्ती सात देशों का एक अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय संगठन है। जिसमें भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल शामिल है।

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