भोजली उत्सव 2026 की तैयारी बैठक में बनी रूपरेखा, स्थायी समिति गठित; प्रथम पुरस्कार 2501 रुपये
भिलाई-3, छत्तीसगढ़ की लोक अनुष्ठानिक और कृषि संस्कृति से जुड़े पारंपरिक पर्व भोजली को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और इसकी लोक परंपराओं को संरक्षित करने के उद्देश्य से भिलाई चरोदा नगर निगम क्षेत्र में इस वर्ष भी निगम स्तरीय भोजली उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्सव की तैयारियों को लेकर दक्षिण वसुंधरा नगर स्थित सामुदायिक भवन में बैठक आयोजित की गई। इसमें निगम के सभी 40 वार्डों की महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
निगम स्तरीय भोजली उत्सव का आयोजन समाजसेवी प्रेमलाल साहू के संयोजन और जनजाति शोधार्थी एवं लोक संस्कृति कर्मी राम कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में विगत वर्षों से किया जा रहा है। बैठक की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर सीता साहू, प्रेमलता चंद्राकर, चंद्रकांता मांडले, तुलसी मरकाम, जमुना बंछोर, पूर्णिमा ठाकुर सहित रवि नाहर, प्रेमलाल साहू, राम कुमार वर्मा और संजय ठाकुर ने माल्यार्पण कर धूप-दीप प्रज्वलित किया।
20 कड़ियों में हुआ भोजली दाई का वंदन
कार्यक्रम में भरथरी गायिका कुमारी वंदना वर्मा और गीता साहू ने भोजली दाई की वंदना प्रस्तुत की। उन्होंने ‘देवी गंगा देवी गंगा लहर तुरंगा, तुहरों लहर दाई भींजै आठों अंगा’ की 20 कड़ियों का गायन किया। पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुति से कार्यक्रम स्थल पर छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की झलक दिखाई दी।
40 वार्डों की महिलाओं को जोड़ने पर जोर

बैठक में इस वर्ष के भोजली उत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सांस्कृतिक संयोजक राम कुमार वर्मा ने कहा कि आयोजन में निगम के सभी 40 वार्डों की महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने भोजली को केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, लोक जीवन और सामाजिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया।
पूर्व निगम अध्यक्ष सीता साहू, चंद्रकांता मांडले, तुलसी मरकाम, पूर्णिमा ठाकुर, प्रेमलता चंद्राकर और जमुना बंछोर ने भी महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भोजली छत्तीसगढ़ी संस्कृति में बेटी के संरक्षण और प्रोत्साहन के साथ कृषि फसलों के उत्पादन से जुड़ी लोक परंपरा है। इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए वर्तमान पीढ़ी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने भोजली पर्व को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ने की आवश्यकता बताई।
स्थायी समिति का गठन, 40 वार्डों के प्रभारी घोषित
मुख्य संयोजक प्रेमलाल साहू ने आयोजन को इस वर्ष और भव्य बनाने की रूपरेखा रखी। संगठन को मजबूत करने के लिए सभी उपस्थित महिलाओं को शामिल करते हुए स्थायी समिति का गठन किया गया। बैठक में निगम के सभी 40 वार्डों के प्रभारी के नामों की भी घोषणा की गई।
आयोजन में शामिल होने वाले दलों को विशेष छत्तीसगढ़ी वेशभूषा, भोजली के रखरखाव, विसर्जन की सज्जा और अनुशासन के आधार पर प्रोत्साहित किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों को पुरस्कार दिए जाएंगे।

विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
भोजली उत्सव 2026 में प्रथम पुरस्कार के रूप में 2501 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2001 रुपये, तृतीय पुरस्कार 1501 रुपये, चतुर्थ पुरस्कार 1001 रुपये और पंचम पुरस्कार 501 रुपये निर्धारित किया गया है। विशेष छत्तीसगढ़ी वेशभूषा वाले दलों को 1000 रुपये का विशेष पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा सभी प्रतिभागियों को आकर्षक एवं रंगीन प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक में 40 वार्डों के प्रतिनिधियों के रूप में सुकून देवांगन, वीरेंद्र नागवंशी, अनीश चंद्राकर, तुलसी मरकाम, श्वेता स्वर्णकार, बलजीत कौर, गीता वर्मा, प्रेमलता चंद्राकर, लता धुरंधर, पुष्पा जेना, पूर्णिमा ठाकुर, भारती वर्मा, कमला वर्मा, वीणा वर्मा, जमुना बंछोर, किरण वर्मा, वंदना वर्मा, नम्रता विश्वकर्मा, पूनम श्रीवास्तव, हेमीन वर्मा, हेमप्रभा वर्मा, मेनका चंद्राकर, साधना वर्मा, सुजाता डोंगरे, गीता साहू, रवि नाहर, संजय ठाकुर, तनु वर्मा सहित वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी जसवंत वर्मा उपस्थित रहे। सभी ने अपने सुझाव देते हुए भोजली उत्सव 2026 को व्यापक और भव्य बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
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