पंडवानी की अमर स्वर साधिका तीजन बाई को नम आंखों से अंतिम विदाई

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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री, विधायक, कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोगों ने दी श्रद्धांजलि

भिलाई 5 जुलाई, छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत  तीजन बाई को रविवार को पूरे राजकीय सम्मान और भावपूर्ण माहौल में अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, कला जगत से जुड़े लोगों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

अंतिम संस्कार में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, विधायक तथा विभिन्न जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने तीजन बाई के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके कला जगत में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया।

इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के जिला महामंत्री एवं पाटन विधानसभा प्रभारी राम सूर्यवंशी भी कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति शैली और लोककला के प्रति समर्पण से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनका निधन प्रदेश ही नहीं, पूरे देश की सांस्कृतिक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी जैसी लोककला को विश्व मंच पर स्थापित कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। उनकी कला, संघर्ष और सादगी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

अंतिम संस्कार के दौरान वातावरण पूरी तरह भावुक रहा। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी प्रिय लोक कलाकार को अंतिम प्रणाम किया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके द्वारा लोकसंस्कृति के क्षेत्र में दिए गए योगदान को सदैव याद रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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