तीन आरोपी पुलिस रिमांड के बाद जेल भेजे गए, अब तक 12 गिरफ्तार; फर्जी नंबर प्लेट, करोड़ों की संपत्ति और अवैध कमाई के साक्ष्य मिले
भिलाई, भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से संगठित तरीके से स्क्रैप चोरी कर अवैध कारोबार चलाने वाले गिरोह के खिलाफ दुर्ग पुलिस की जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय सिंह समेत तीन आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड के बाद सोमवार को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी संजय सिंह के लॉकर से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण तथा लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप की बिक्री से अर्जित रकम को आरोपियों ने संपत्तियों और आभूषणों में निवेश किया था।
फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था स्क्रैप चोरी का खेल
मामले का खुलासा 26 मई 2026 को हुआ था, जब मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स और हथखोज औद्योगिक क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान कई हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी से चोरी किए गए लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री लोड मिली।
मौके से भारी मात्रा में स्क्रैप सामग्री, वाहन और मशीनरी बरामद की गई। पुलिस ने लगभग 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये आंकी गई। वहीं परिवहन और लोडिंग में प्रयुक्त वाहनों एवं मशीनों सहित कुल जब्ती का मूल्य करीब 3.22 करोड़ रुपये बताया गया।
उत्तरप्रदेश से पकड़ा गया मुख्य आरोपी
प्रकरण में पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। वहीं मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह की तलाश में दुर्ग पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। सूचना मिलने पर विशेष टीम उत्तरप्रदेश रवाना हुई और देवरिया क्षेत्र से आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।
16 जून को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा और आकाश कुमार सिंह की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
घटनास्थल का पुनर्निर्माण, फर्जी नंबर प्लेट जब्त
रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपियों को खुर्सीपार गेट से लेकर एसएमएस-3 तक घटनास्थल पर ले जाकर पूरी वारदात का पुनर्निर्माण कराया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के स्क्रैप के परिवहन में उपयोग किए जा रहे वाहनों में फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती थीं। पुलिस ने ऐसी नंबर प्लेट भी जब्त की हैं।
अवैध संपत्ति की होगी कुर्की
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों द्वारा अवैध कमाई से अर्जित चल एवं अचल संपत्तियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। आरोपी अक्षय कुमार से भी संपत्ति संबंधी दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।
अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, इस संगठित स्क्रैप चोरी और अवैध कारोबार के मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जांच में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
दुर्ग पुलिस ने औद्योगिक संस्थानों और आम नागरिकों से अपील की है कि स्क्रैप, औद्योगिक सामग्री या अन्य संपत्तियों के अवैध क्रय-विक्रय एवं परिवहन की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।






