बीएसपी से 3.22 करोड़ की संगठित स्क्रैप चोरी का पर्दाफाश, दो और आरोपी गिरफ्तार

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12 आरोपियों तक पहुंची पुलिस, 250 टन लौह स्क्रैप और कई वाहन-मशीनें जब्त; 4-5 माह से चल रहा था अवैध कारोबार

भिलाई, भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी कर अवैध रूप से संग्रहित करने वाले गिरोह के खिलाफ दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस बहुचर्चित प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। पुलिस ने अब तक करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है, जिसमें लगभग 250 टन लौह स्क्रैप, भारी वाहन, जेसीबी, हाईड्रा तथा अन्य मशीनरी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा पिछले चार से पांच महीनों से योजनाबद्ध तरीके से बीएसपी से निकलने वाले फ्लू डस्ट परिवहन वाहनों के माध्यम से लौह स्क्रैप की चोरी की जा रही थी। चोरी किए गए स्क्रैप को भिलाई के हथखोज औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी परिसर में एकत्र कर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।

मुखबिर की सूचना पर हुआ बड़ा खुलासा

जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वहां विभिन्न हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम तथा कटिंग सामग्री भरी हुई मिली। परिसर में बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप अलग-अलग ढेरों में संग्रहित पाया गया।

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में बीएसपी से लौह स्क्रैप चोरी कर यहां जमा किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह प्लेट, बीम कटिंग एवं अन्य स्क्रैप सामग्री जब्त की। साथ ही परिवहन और लोडिंग में प्रयुक्त वाहनों तथा मशीनों को भी कब्जे में लिया गया।

विवेचना में सामने आए दो और नाम

मामले की विस्तृत जांच के दौरान आकाश कुमार सिंह और अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा की भूमिका सामने आई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी लगातार जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों में आकाश कुमार सिंह (29 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड एमआईजी-2/1453, जामुल तथा अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा (45 वर्ष), निवासी सड़क 15/बी, सेक्टर-02, भिलाई शामिल हैं।

करोड़ों की सामग्री और मशीनें जब्त

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान लगभग 250 टन लौह प्लेट, बीम एवं लौह कटिंग सामग्री के अलावा कई परिवहन वाहनों और मशीनों को जब्त किया है। जब्त वाहनों में हाईवा, ट्रक, टाटा वाहन, जेसीबी और हाईड्रा शामिल हैं। इसके अलावा स्क्रैप छंटाई और डस्ट प्रोसेसिंग में उपयोग की जाने वाली पांच लोहे की मशीनें भी जब्त की गई हैं।

पुलिस के अनुसार, जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंका गया है, जिसमें करीब 90 लाख रुपये मूल्य का लौह स्क्रैप शामिल है।

अवैध लाभ कमाने के लिए रची गई थी साजिश

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य बीएसपी से लौह स्क्रैप चोरी कर उसे फ्लू डस्ट के साथ बाहर निकालते थे। बाद में उसे अलग कर अवैध रूप से बेचकर आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय

इस कार्रवाई में थाना पुरानी भिलाई की पुलिस टीम, विवेचना अधिकारियों और तकनीकी सहयोग प्रदान करने वाले कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लगातार निगरानी, सूचना संकलन और प्रभावी विवेचना के आधार पर पुलिस ने संगठित गिरोह का खुलासा कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

नागरिकों से सहयोग की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि चोरी, अवैध कारोबार या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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