दक्षिण वसुंधरा नगर में सप्ताहभर चला योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर, योग से निरोग रहने का दिया संदेश
भिलाई, लोगों को योगासन और सूक्ष्म प्राणायाम के नियमित अभ्यास के माध्यम से निरोग जीवन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से दक्षिण वसुंधरा नगर भिलाई-3 स्थित पुराने गार्डन में एक सप्ताह का योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। यह शिविर युग निर्माण योजना शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देश पर गायत्री शक्तिपीठ खुर्सीपार एवं पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा समिति दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
शिविर के प्रारंभ में योगाचार्य नरेंद्र साहू एवं संतोष चौरसिया का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें गायत्री मंत्र लिखित पीत पट्टिका भेंट कर सम्मानित किया गया। योग सत्र की शुरुआत अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और भगवत गीता के श्लोक वाचन के साथ हुई। योगाचार्यों ने उपस्थित लोगों को योगासन, सूक्ष्म प्राणायाम तथा मन और विचारों को संतुलित रखने के महत्व की विस्तार से जानकारी दी।
योगाचार्य नरेंद्र साहू ने कहा कि योग और प्राणायाम केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि उत्तम तप हैं। उन्होंने बताया कि योगासनों का नियमित अभ्यास गीता का प्रायोगिक स्वरूप है, जिससे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक विकारों से दूर रहकर संतुलित जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि मन और चित्त को एकाग्र कर सत्कर्म की दिशा में आगे बढ़ना ही योग का मूल उद्देश्य है।

शिविर में सहभागियों को तितली आसन, कपालभाति, मूलबंध, जालंधर बंध, उज्जायी प्राणायाम, अग्निसार क्रिया तथा पिंडली मसाज के लाभों की जानकारी दी गई। योगाचार्यों ने बताया कि शरीर के सूक्ष्म और आंतरिक अंगों को सक्रिय एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
योग सत्र के समापन पर सामूहिक रूप से शांति पाठ किया गया। वहीं सप्ताहभर चले शिविर के समापन अवसर पर संध्या काल में दीप यज्ञ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में साधना वर्मा, लता धुरंधर, लक्ष्मी चंद्राकर, वीणा वर्मा, हेमीन वर्मा, सुनंदा नासरे, नंदा दामले, अनिश चंद्राकर, महेंद्र वर्मा, रामकुमार वर्मा, लक्ष्मण देवांगन, रत्ना वर्मा और श्रीनिवास राव सहित अन्य लोगों की सक्रिय सहभागिता रही।






