साहित्यिक संस्था एकत्र के तत्वावधान में आयोजित हुआ “एक शाम अदब के नाम”

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गीत, ग़ज़ल और शायरी की शाम…

भिलाई, भिलाई नगर के रशियन कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-7 में साहित्यिक संस्था एकत्र के तत्वावधान में “एक शाम अदब के नाम” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर के प्रतिष्ठित कवि, शायर एवं साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष महेश कुमार विनोदिया द्वारा अतिथियों के पुष्पगुच्छ से स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर डॉ. साकेत रंजन प्रवीर ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध शायर मुमताज भारती उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन कवयित्री शुचि भवि ने किया।

काव्य एवं ग़ज़ल की इस सजी हुई महफ़िल में रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का आरंभ डॉ. नौशाद सिद्दीकी ‘सब्र’ की हास्य रचनाओं से हुआ। नीलम जायसवाल की कविताओं और आलोक नारंग की ग़ज़लों को श्रोताओं ने खूब सराहा। वरिष्ठ कवि शरद कोकास की मुक्तछंद रचनाओं ने कार्यक्रम को गंभीर वैचारिक आयाम प्रदान किया, वहीं मिर्ज़ा इसराइल बेग ‘शाद’ की ग़ज़लों ने भरपूर वाहवाही बटोरी।

नूर सबा खान ‘सबा’ की ग़ज़लों ने अपनी अलग छाप छोड़ी, जबकि शुचि भवि की रचनाओं ने भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया। मुख्य अतिथि मुमताज भारती की ग़ज़लों में समसामयिक सामाजिक सरोकारों की झलक दिखाई दी, वहीं अध्यक्ष डॉ. साकेत रंजन प्रवीर की ग़ज़लों में इश्क़, एहसास और रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल का सुंदर मुज़ाहिरा देखने को मिला।

कार्यक्रम का समापन आयोजक महेश कुमार विनोदिया के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर जगजीत सिंह भाटिया, जानकी प्रसाद, हरिकिशन सिंह केन सहित बड़ी संख्या में साहित्य एवं ग़ज़ल प्रेमी उपस्थित रहे।

यह आयोजन साहित्य, कविता और ग़ज़ल के माध्यम से संवेदनाओं, विचारों और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार उत्सव बन गया।

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