कृषि सीजन से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश, मंत्री गजेन्द्र यादव ने ली विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक

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मानसून पूर्व मेंटेनेंस, कृषि पंप कनेक्शन, पेयजल आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाओं पर दिया विशेष जोर, अधिकारियों को जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश

दुर्ग, छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने बुधवार को दुर्ग स्थित पीडब्ल्यूडी सभागार में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के दुर्ग रीजन के अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में दुर्ग एवं बेमेतरा जिले में विद्युत वितरण व्यवस्था, उपभोक्ता सेवाओं, कृषि क्षेत्र की विद्युत आवश्यकताओं तथा आगामी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली सेवा उपलब्ध हो सके।

बैठक में मंत्री  यादव ने कहा कि कृषि कार्यों के लिए बिजली व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को मानसून शुरू होने से पहले कृषि पंप लाइनों के संपूर्ण मेंटेनेंस कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेती के मौसम में किसानों को बिजली कटौती अथवा तकनीकी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।

उन्होंने टाउन एवं ग्रामीण फीडरों को पृथक करने, पेयजल योजनाओं के लिए अलग ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने तथा लंबित कृषि पंप कनेक्शनों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि मेंटेनेंस कार्यों के नाम पर 10 से 12 घंटे का लंबा शटडाउन लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए तथा कम से कम समय में कार्य पूर्ण कर उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा को कम किया जाए।

प्री-मानसून तैयारियों पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान मंत्री  यादव ने प्री-मानसून तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आंधी-तूफान एवं खराब मौसम के दौरान संभावित ब्लैकआउट की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई, जर्जर तारों और उपकरणों के सुधार तथा जोखिम वाले क्षेत्रों में आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं अथवा खराब मौसम की स्थिति में विद्युत व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने के लिए विभागीय अमले को पूरी तत्परता के साथ कार्य करना होगा। इसके लिए आवश्यक संसाधन एवं तकनीकी तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं।

उपभोक्ताओं की शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश

मंत्री  यादव ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों एवं आम उपभोक्ताओं की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी दूरभाष पर उपलब्ध रहें तथा उपभोक्ताओं से शालीनतापूर्वक संवाद कर उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान करें।

उन्होंने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए आपातकालीन दूरभाष नंबर जारी करने, सहायक अभियंताओं एवं कनिष्ठ अभियंताओं के नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित करने तथा कार्यालय में बैठने का निर्धारित समय तय करने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि इससे आम नागरिकों को विभागीय कार्यों के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ेगा और शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

बैठक के अंत में मंत्री यादव ने अधिकारियों को शासन की योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम छोर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा जनहितकारी बनाने के लिए सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्ग  सरस्वती बंजारे, जिला पंचायत अध्यक्ष बेमेतरा  कल्पना तिवारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दुर्ग  पवन शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष  कुलेश्वरी देवांगन, जनपद पंचायत अध्यक्ष साजा  जितेन्द्र साहू, विभिन्न नगर पंचायतों के अध्यक्षगण  विशाल देशलहरा (बेरला), संदीप परगनिहा (भिंभौरी), देशू राम साहू (परपोड़ी), श्वेता अग्रवाल(धमधा), विद्यानंद कुशवाहा(अहिवारा), मीना वर्मा(कुम्हारी), योगेश निक्की भाले(पाटन) एवं दुर्ग तथा बेमेतरा जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों सहित छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक  संजय खंडेलवाल, अधीक्षण अभियंता द्वय आर.के.मिश्रा एवं  जे.जगन्नाथ प्रसाद, कार्यपालन अभियंता छगन शर्मा,  आर.के.दानी, डी.के.भारती,  नवीन कुमार राठी,  टी.एन.बन्छोर, जे.एस. भटनागर, मनीष शुक्ला, टी.एल.सहारे एवं अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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