हैंडल एक्स-रे मशीन से विभिन्न वार्डों में जांच अभियान जारी, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से समय पर जांच कराने की अपील की
भिलाई, भिलाई-3 चरोदा नगर निगम क्षेत्र में टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अत्याधुनिक हैंडल एक्स-रे मशीन के माध्यम से विभिन्न वार्डों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में नि:शुल्क एक्स-रे जांच शिविर लगाए जा रहे हैं।

बीईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि कलेक्टर दुर्ग अभिजीत सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कुमार कठौतिया तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिखर अग्रवाल के संयुक्त मार्गदर्शन में टीबी मुक्त भारत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हथखोज में 117 लोगों, देवबलोदा में 137 लोगों तथा चरोदा बस्ती में 136 लोगों का एक्स-रे परीक्षण किया गया। जांच के दौरान चरोदा बस्ती में 14 लोगों की रिपोर्ट एब्नॉर्मल पाई गई है। इन मामलों की आगे समीक्षा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिखर अग्रवाल द्वारा की जाएगी, जिसके बाद संबंधित व्यक्तियों की दोबारा स्पुटम जांच कराई जाएगी।

सैय्यद असलम ने कहा कि टीबी एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जिसके प्रति लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ऐसे संवेदनशील वर्गों को चिन्हित किया जा रहा है, जो लंबे समय से बीड़ी, सिगरेट, शराब, तंबाकू एवं अन्य नशे का सेवन कर रहे हैं। इसके अलावा लगातार बुखार रहना, बलगम में खून आना, वजन कम होना, लगातार खांसी आना, भूख नहीं लगना, बीपी, शुगर, छाती एवं श्वसन संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों की विशेष जांच की जा रही है।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश्वर कुमार कठौतिया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अत्याधुनिक तकनीक से युक्त मोबाइल हैंडल एक्स-रे मशीन फील्ड में भेजी गई है, जिससे लोगों की नि:शुल्क जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रारंभिक अवस्था में ही रोग की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के नारायण साहू, हर्षा मानिकपुरी, सोनसीर देशलहरे, सतरूपा निर्मलकर, देवीला चंद्राकर, कुमेश साहू, निवेश प्रधान, डुमेश्वर यादव, एमटी कांति विभोर, यशवंत साहू, वर्षा पांडेय, शांता पाटिल, स्वयंसेवी अजय पाठक, हेप शिबा एंथोनी, सुनीता बिनिया सहित मितानिनों का विशेष सहयोग रहा। वहीं एक्स-रे टेक्नीशियन भूपेंद्र साहू की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।


