भिलाई, अक्सर यह माना जाता है कि बेहतर शिक्षा और ऊंचे अंक केवल बड़े शहरों के महंगे कोचिंग संस्थानों और सुख-सुविधाओं के बीच ही संभव हैं। लेकिन एक छोटे से गांव नारधी (पाटन) की बेटी पूर्वा साहू ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा दसवीं की परीक्षा में पूर्वा ने 89.3 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
शासकीय हाई स्कूल औंधी की छात्रा पूर्वा ने संसाधनों की कमी और ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों को अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने सभी विषयों में विशेष योग्यता (Distinction)हासिल की है। यह दर्शाता है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है। पूर्वा ने अपने गांव नारधी के शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूल से अध्ययन किया। वह शुरू से मेधावी रही।
पूर्वा की इस सफलता के पीछे उनकी दिन-रात की अटूट लगन छिपी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बिजली की समस्या, स्कूल की दूरी और घरेलू कामकाज जैसी चुनौतियां होती हैं। इन सबके बावजूद पूर्वा ने नियमित पढ़ाई कर अपने पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित किया। वहीं कठिन परिश्रम करते हुए गणित और विज्ञान जैसे विषयों पर विशेष पकड़ बनाने के लिए अतिरिक्त समय दिया। अनुशासन के तहत अपनी दिनचर्या को इस तरह व्यवस्थित किया कि घर के कार्यों के साथ शिक्षा प्रभावित न हो।


