हनुमान जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर दिया समाजसेवा और मानवता का संदेश
मंदिरों में लगी लंबी कतारें, भजन-कीर्तन और भंडारों का आयोजन; प्रशासन की सख्ती से शांतिपूर्ण रहा पर्व
भिलाई, 03 अप्रैल, नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा क्षेत्र में हनुमान जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों को फूलों और रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।सभापति कृष्णा चंद्राकर ने भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल।

श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि, बल और बुद्धि की कामना की। विभिन्न स्थानों पर सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, वहीं जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण भी किया गया।
सभापति ने कई कार्यक्रमों में की सहभागिता
नगर निगम भिलाई-चरौदा के सभापति कृष्णा चंद्राकर ने भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने रेल नगर स्थित बजरंग दल हनुमान मंदिर, इंदिरा नगर चरौदा, सिरसा गेट भंडारा स्थल और शांतिनगर क्षेत्र के कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान विभिन्न समितियों ने उनका सम्मान किया।

“सेवा और साहस ही सच्ची भक्ति”
मीडिया से चर्चा में कृष्णा चंद्राकर ने कहा कि हनुमान जयंती केवल पर्व नहीं, बल्कि जीवन में शक्ति, साहस और सेवा भाव अपनाने की प्रेरणा है। भगवान हनुमान का जीवन निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक है। उनके आदर्श आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवता के कार्यों में भी दिखाई देनी चाहिए। सेवा, सहयोग और सद्भाव से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पर्व के दौरान प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की थीं। मंदिरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस बल की तैनाती के चलते आयोजन पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

भक्ति और एकता का बना उदाहरण
हनुमान जयंती के अवसर पर भिलाई-चरौदा क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली। श्रद्धालुओं के उत्साह, सेवा कार्यों और आयोजनों ने इस पर्व को यादगार बना दिया।


