108 दिन, हजारों जिंदगियां सुरक्षित: छत्तीसगढ़ की नई ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ बनी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान

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रायपुर, केवल 108 दिनों में ही छत्तीसगढ़ की नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस ने यह सिद्ध कर दिया है कि समय पर पहुंची एम्बुलेंस केवल एक वाहन नहीं, बल्कि किसी परिवार के लिए जीवन और मृत्यु के बीच खड़ी सबसे बड़ी उम्मीद होती है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विभाग की दूरदर्शी सोच, प्रभावी नेतृत्व, सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रबंधन, आधुनिक तकनीकों के समावेश तथा सेवा गुणवत्ता के प्रति सतत प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप नई ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा आज प्रदेशवासियों के लिए भरोसे, सुरक्षा और जीवनरक्षा का पर्याय बन चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से संचालित यह सेवा अत्याधुनिक एम्बुलेंसों, प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT), पायलट एवं केंद्रीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के माध्यम से राज्य के प्रत्येक जिले में 24×7 निःशुल्क एवं समयबद्ध प्री-हॉस्पिटल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही है। केवल 108 दिनों में ही इस सेवा ने यह सिद्ध कर दिया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की दूरदर्शी पहल, प्रभावी क्रियान्वयन और जनसेवा के प्रति समर्पण ने छत्तीसगढ़ की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई पहचान प्रदान की है। 1 अप्रैल 2026 को शुरू हुई नई 108 सेवा ने प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों से लेकर शहरों तक हजारों मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर अनगिनत परिवारों की उम्मीदों को नई जिंदगी दी है। सड़क दुर्घटना हो, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, गर्भवती महिला की प्रसूति या नवजात शिशु की आपात स्थिति—हर चुनौती में 108 संजीवनी एक्सप्रेस ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।

108 दिनों की प्रमुख उपलब्धियां
हर मिनट, हर घंटे, हर दिन—जीवन बचाने का संकल्प

पिछले 108 दिनों में सेवा ने लगभग
[2.96 लाख] से अधिक आपातकालीन कॉल प्राप्त कीं
[86,500] से अधिक मरीजों तक एम्बुलेंस पहुंचाई
[100%] मामलों में समयबद्ध प्रतिक्रिया सुनिश्चित की
[6,500] से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की
[5,000] से अधिक गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत प्रसव हेतु पहुंचाया
[174] नवजात एवं शिशुओं को विशेष चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई
[5300] गंभीर हृदयाघात एवं स्ट्रोक मरीजों को “गोल्डन ऑवर” के भीतर उपचार केंद्र तक पहुंचाया

हर सेकंड बना जिंदगी की उम्मीद
108 सेवा का सबसे बड़ा उद्देश्य केवल मरीज को अस्पताल पहुंचाना नहीं, बल्कि गोल्डन ऑवर के भीतर जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के तहत अत्याधुनिक लाइफ सपोर्ट उपकरणों से लैस एम्बुलेंसों में प्रशिक्षित EMT मरीज को अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्राथमिक उपचार देना शुरू कर देते हैं। यही कारण है कि बीते 108 दिनों में हजारों गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सका।

आधुनिक एम्बुलेंस, प्रशिक्षित टीम और बेहतर तकनीक

नई 108 सेवा केवल एम्बुलेंसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसे आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, डिजिटल डिस्पैच सिस्टम, जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग, प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT), पायलट तथा अत्याधुनिक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से सुसज्जित किया गया है।
राज्यभर में संचालित लगभग 375 अत्याधुनिक एम्बुलेंसों जिसमें 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), 70 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) तथा 05 विशेष एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS Neonatal) एम्बुलेंस का नेटवर्क आज दूरस्थ क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा पहुंचा रहा है। इन सुविधाओं ने प्रतिक्रिया समय को कम करने और सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नई 108 सेवा आज प्रदेश के सभी जिलों में सक्रिय है। दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण अंचलों तथा शहरी क्षेत्रों में समान गुणवत्ता के साथ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश की लगभग 3.11 करोड़ आबादी अब आधुनिक एम्बुलेंस नेटवर्क की पहुंच में है।

प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय सुधार
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
शहरी क्षेत्रों में औसत प्रतिक्रिया समय घटकर लगभग 12 मिनट रह गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में औसत प्रतिक्रिया समय लगभग 18 मिनट तक लाया गया है।
समय पर पहुंचने की इसी क्षमता ने हजारों मरीजों को समय रहते उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

केवल आंकड़े नहीं, हजारों परिवारों की मुस्कान
इन 108 दिनों में हजारों ऐसे परिवार हैं जिनके लिए 108 सेवा किसी सरकारी योजना से कहीं अधिक, एक जीवनदायिनी व्यवस्था बनकर सामने आई है। कई मामलों में गोल्डन ऑवर के भीतर चिकित्सा सहायता मिलने से मरीजों की जान बचाई जा सकी, वहीं अनेक गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

सेवा गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी
राज्य स्तर पर संचालित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से प्रत्येक एम्बुलेंस की निरंतर निगरानी की जा रही है। कॉल रिस्पांस, वाहन उपलब्धता, डिस्पैच समय, प्रतिक्रिया समय तथा सेवा गुणवत्ता जैसे प्रमुख संकेतकों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे नागरिकों को तेज, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित हो सके।

नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस के सफलतापूर्वक 108 दिन पूर्ण होने के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सेवा से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी निष्ठापूर्ण, समर्पित एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध कार्यशैली के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि 108 संजीवनी एक्सप्रेस ने अल्प समय में ही प्रदेशभर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति एवं नई पहचान प्रदान की है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के दूरदर्शी मार्गदर्शन, सतत निगरानी, प्रभावी समन्वय तथा सेवा से जुड़े प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, राज्य नोडल अधिकारी (108 एम्बुलेंस सेवा) तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने 108 सेवा से जुड़े सभी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT), पायलट, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर (ERC) के अधिकारी एवं कर्मचारी, जिला समन्वयकों, तकनीकी टीम, प्रशासनिक अधिकारियों तथा समस्त सहयोगी स्टेकहोल्डर्स को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना की।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी भविष्य में भी इसी समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना के साथ कार्य करते हुए प्रदेशवासियों को समयबद्ध, निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते रहेंगे ।
इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि 108 संजीवनी एक्सप्रेस की सफलता केवल एक सेवा की उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य नीति, प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व तथा जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। विभाग के मार्गदर्शन में सेवा की गुणवत्ता, त्वरित प्रतिक्रिया, मरीजों की संतुष्टि तथा जनविश्वास को निरंतर सुदृढ़ करने की दिशा में सतत प्रयास जारी रहेंगे।

Link : https://shricgnewscreator.com/108-days-thousands-of-lives-saved-chhattisgarhs-new-108-sanjeevani-express-has-become-the-new-face-of-emergency-health-services/

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